प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल से संबंधित कुछ विदेशी खातों का पता लगाने का दावा किया है. ईडी के मुताबिक इन खातों में भारी-भरकम धनराशि भी जमा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक ईडी ने शुक्रवार को नरेश गोयल और उनके सहयोगी रहे हसमुख गार्डी के मुंबई और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापामारी की थी. इसके बाद शनिवार को ईडी ने बताया है कि छापामारी के दौरान एजेंसी को कई डिजिटल सबूत और ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं की बात पता चलती है.

इस कार्रवाई के दौरान ईडी को कुछ विदेशी बैंक खातों का पता चला है और एजेंसी के मुताबिक इनमें भारी-भरकम रकम जमा है. ईडी का कहना है कि इस बात की काफी संभावना है कि इनमें से कुछ बैंक खाते नरेश गोयल के हों और पहली नजर में ऐसा लगता है कि इनमें लेन-देन से विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) का उल्लंघन हुआ है.

ईडी फेमा के तहत गोयल के खिलाफ जांच कर रही है. जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल 19 कंपनियों के मालिक हैं. इनमें से 14 भारत में तो पांच विदेशों में रजिस्टर्ड हैं.

ईडी ने यह भी दावा किया है कि गोयल की कुछ कंपनियां उन देशों में स्थित हैं जिन्हें ‘टैक्स हैवन’ (वे देश जहां कर की दरें बहुत कम होती हैं और विदेशी लोग अक्सर कर चोरी के लिए यहां निवेश करते हैं) माना जाता है. ईडी के मुताबिक जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन ने कर बचाने के लिए अपनी देसी और विदेशी कंपनियों के जरिए कई योजनाएं बनाई थीं. इसके लिए उन्होंने कई संदिग्ध लेन-देन भी किए हैं.

इस साल मार्च में गोयल ने जेट एयरवेज के चेयरमैन का पद छोड़ा था. इसके बाद 17 मार्च को इस एयरलाइंस की सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गई थीं और इसके चलते कंपनी के हजारों कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था. इस बीच ईडी और आयकर विभाग सहित कई एजेंसियों की शिकायतों के मद्देनजर नरेश गोयल के खिलाफ ‘लुक आउट’ नोटिस भी जारी किया गया था.