सरकार जल्दी ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से पूरे देश में रेत के अवैध खनन पर लगाम लगाने जा रही है. इसके साथ ही इसरो की मदद से चारागाह वाले जंगलों में इंसानों और जानवरों के बीच होने वाले टकराव को भी रोके जाने की योजना है. पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कोयंबटूर के पास स्थित सलीम अली पक्षी विज्ञान केंद्र में पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी है.

इन कामों में इसरो की सैटेलाइट इमेज तकनीक की मदद ली जाएगी. इस हवाले से प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है, ‘इसरो की तकनीक की मदद से हम पता लगाएंगे की कहां रेत का भंडार है और फिर सरकार इसकी नीलामी करेगी. इस तरह रेत माफिया पर काबू किया जाएगा और रेत खनन की स्थायी और नियमित व्यवस्था बनाई जाएगी.’

वहीं पत्रकारों ने जब वन्य क्षेत्रों खासकर पश्चिमी घाट में इंसानों और जानवरों के टकराव को लेकर जावड़ेकर से सवाल किया तो उनका कहना था, ‘किसानों का मुझसे कहना है कि जब तक चारे और पानी की कमी दूर नहीं होती, यह टकराव होता रहेगा. लेकिन इस साल से हम राज्यों से कह रहे हैं कि वे जंगलों में चारे और पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान दें.’ वन और पर्यावरण मंत्रालय इसके लिए फंड भी जारी कर रहा है जो 15 साल से अटका हुआ था. इसरो की तकनीक और इस फंड की मदद से राज्य सरकारें वन्य क्षेत्रों में चारे और पानी की उपलब्धता बढ़ाने का काम कर सकेंगी.