नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि हिरासत में चल रहे उसके नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से केन्द्र सरकार ने संपर्क किया है. पीटीआई के मुताबिक नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है.

इससे पहले मीडिया में कुछ खबरें आई थीं जिनमें सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के कुछ अधिकारियों ने उमर अब्दुल्ला और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से संपर्क किया है. इन खबरों में यह भी दावा किया गया था कि सरकार इन नेताओं से संपर्क करके कश्मीर घाटी में राजनीतिक बातचीत को फिर शुरू करने की संभावना तलाश रही है.

केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से धारा-370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का फैसला किया था. इसके साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का भी फैसला किया गया था. इससे पहले चार तारीख की रात को राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई थी और तब से दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को नजरबंदी में रखा गया है. इसके अलावा तब से ही कश्मीर घाटी के एक बड़े हिस्से में फोन और इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद हैं.