‘जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के नेता

राहुल गांधी ने यह बात श्रीनगर एयरपोर्ट से लौटाए जाने के बाद दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे खुद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कश्मीर आकर वहां की जमीनी स्थिति जानने का न्यौता दिया था. मैं उनके बुलावे पर गया था. लेकिन मुझे और मेरे साथ गए नेताओं को एयरपोर्ट से बाहर निकलने की भी इजाजत नहीं दी गई.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वहां मीडिया के लोगों से भी दुर्व्यवहार किया गया. इस सबसे पता चलता है कि वहां क्या हालात होंगे.’

‘राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्षी दलों को राजनीति नहीं करनी चाहिए.’

— सत्यपाल मलिक, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक ने यह बात शनिवार को कश्मीर की ताजा स्थिति जानने के लिए राहुल गांधी की अगुवाई में श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को ‘नसीहत’ देते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने इन नेताओं के कश्मीर आने को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया और कहा, ‘ये लोग यहां आकर हालात बिगाड़ना चाहते थे.’ सत्यपाल मलिक का यह भी कहना था, ‘राहुल गांधी की यहां कोई जरूरत नहीं. उनकी जरूरत उनके सहयोगियों को थी जब वे संसद में बोल रहे थे.’


‘धारा 370 हटाने का फैसला लोकतांत्रिक दायरे में रहकर किया गया है.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अखबार के साथ बातचीत करते हुए कही. इसके साथ उन्होंने यह भी कहा है, ‘कुछ लोगों के स्वार्थ की वजह से जम्मू-कश्मीर का विकास प्रभावित हो रहा था. इस राज्य के अलग-थलग पड़ने से यहां के युवा आतंकवाद और कट्टरपंथ की राह पर चल पड़े थे. हमारा उद्देश्य उन्हें रोकना है.’ इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारत के इस फैसले को लेकर यूएई से मिले समर्थन की भी सराहना की.


‘क्या भाजपा के किसी नेता ने नरेंद्र मोदी को विपक्ष और उसके नेताओं को खलनायक की तरह पेश नहीं करने की सलाह दी है?’

— कपिल सिब्बल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कपिल सिब्बल ने यह बात एक ट्वीट के जरिये अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर कोई नाम लिए बगैर कटाक्ष करते हुए कही. इससे पहले इसी हफ्ते जयराम रमेश, अभिषेक मनु सिंघवी और शशि थरूर जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष को नरेंद्र मोदी को ‘खलनायक’ की तरह पेश नहीं करने की सलाह दी थी.


‘आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए आयकर खत्म करके सावधि ब्याज दर बढ़ाए जाने की जरूरत है.’

— सुब्रमणयम स्वामी, राज्यसभा सांसद

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने कर्ज की दरों को भी नौ फीसदी पर लाने की जरूरत बताते हुए कहा कि आगामी पांच सितंबर को उनकी एक किताब आने वाली है और उसमें भी अर्थव्यस्था को गति देने की बातों को लेकर विस्तार से जिक्र किया गया है.