पीवी सिंधु बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. पीवी सिंधु ने स्विटरजरलैंड के बासेल में खेले गए इस प्रतियोगिता के फाइनल में जापान की प्रतिद्वंद्वी नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है. उन्होंने कहा, ‘असाधारण प्रतिभावान सिंधु ने फिर देश को गौरवान्वित किया है. उनका जुनून और समर्पण प्रेरणादायी है.’ वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली के पंचतत्व में विलीन होने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. उनका कल नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

बिहार : सामूहिक बलात्कार पीड़िता बच्ची का सिर मुंडवा कर गांव में घुमाया गया

बिहार के गया में एक सामूहिक बलात्कार पीड़िता का सिर मुंडवा कर उसे पूरे गांव में घुमाए जाने का मामला सामने आया है. दैनिक जागरण के मुताबिक बलात्कार की इस घटना को 11 दिन पहले अंजाम दिया गया था. लेकिन, इस मामले के सामने आने के बाद पंचायत ने नाबालिग पीड़िता को दोषी ठहरा दिया. इसके बाद पीड़िता और उसकी मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने पंचायत में शामिल पांच लोगों और आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पीड़िता की मां का कहना है कि पंचायत ने उसे आदेश दिया था कि थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज नहीं कराना है. इसे देखते हुए डर के चलते स्थानीय थाने में उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई गई. उधर, प्रभारी पुलिस अधिकारी ने बताया है कि पीड़िता के आवेदन पर कुछ लोगों को नामजद किया गया है और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

केंद्र सरकार 90 वर्षीय स्वतंत्रता संघर्ष के सेनानी को लगातार प्रताड़ित कर रही है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार एक 90 वर्षीय स्वतंत्रता संघर्ष सेनानी को लगातार प्रताड़ित कर रही है. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने यह सख्त टिप्पणी सरकार की एक विशेष याचिका को खारिज करते हुए की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम अचंभित हैं कि इस तरह के मामले भी कोर्ट में आ रहे हैं. इससे न्यायपालिका का समय खराब हो रहा है.’ इससे पहले याचिकाकर्ता देव नारायण मिश्रा ने स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना के तहत पेंशन की मांग की थी. साल 2010 में केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया था. इसके बाद साल 2015 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को याचिकाकर्ता को पेंशन मुहैया कराने का आदेश दिया था. इस आदेश को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

आंध्र प्रदेश : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर सदन के फर्नीचर को घर ले जाने का आरोप

आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कोडेला शिवप्रसाद राव और उनके बेटे शिवराम कृष्ण पर सदन के फर्नीचर निजी इस्तेमाल के लिए ले जाने का मामला दर्ज किया गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक दोनों के खिलाफ विधानसभा के एक अधिकारी के शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है. इसमें कोडेला शिवप्रसाद राव पर सदन के परिसर से लेकर अनधिकृत स्थानों तक और शिवराम कृष्ण पर एक ऑटोमोबाइल शोरूम में अवैध रूप से फर्नीचर भेजने का आरोप है. इससे दो दिन पहले विधानसभा के अधिकारियों ने आरोपितों के आवास और शोरूम की जांच की थी. वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात को माना है कि साल 2016 में कुछ फर्नीचर उनके दफ्तर और निजी आवास पर ले जाए गए थे. लेकिन, ऐसा इनकी सुरक्षा और रखरखाव के लिए किया गया था. उनके मुताबिक उन्होंने विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर उन्हें फर्नीचर लेने के लिए कहा था.

बुलंदशहर हिंसा मामले में आरोपितों को जमानत मिलने पर फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बीते साल हुई हिंसा के मामले में बजरंग दल के नेताओं ने आरोपितों को जेल से बाहर फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इससे पहले हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार देर रात सात आरोपितों को रिहा किया गया था. पुलिस ने इस मामले में 27 नामजद और करीब 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी. इनमें से 44 को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. साथ ही, इन पर राजद्रोह का का मामला भी दर्ज किया गया है. तीन दिसंबर, 2018 को जिले की चिंगरावठी पुलिस चौकी पर कथित गोवंश हत्या को लेकर हो रहे हंगामे ने हिंसक रूप ले लिया था. इस हिंसा में पुलिसकर्मी सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानीय युवक सुमित की हत्या हुई थी.

जिस तरह से लोग कह रहे हैं, उस तरह से एमेजॉन का वर्षा वन नहीं जल रहा है : राष्ट्रपति, ब्राजील

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने एमेजॉन के जंगलों में लगी भीषण आग को लेकर वैश्विक समुदाय की चिंता को कम करने की कोशिश की है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से लोग कह रहे हैं, उस तरह से एमेजॉन का वर्षा वन नहीं जल रहा है. हमारे लोगों ने इलाके में काम करना शुरू कर दिया है.’ जेयर बोलसोनारो ने आगे कहा कि ब्राजील में इस साल दर्ज की गई आग की औसत संख्या बीते कई वर्षों के मुकाबले कम है. उनका दावा है कि इस आग से निपटने के लिए सेना को काम पर लगाया गया है. उनके मुताबिक आग बुझाने के लिए 90 लाख डॉलर की रकम की व्यवस्था की गई है. वहीं, ब्राजील स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस रिसर्च के आंकड़ों की मानें तो एमेजॉन के जंगलों में लगी आग की संख्या इस साल अब तक 2018 के मुकाबले 82 फीसदी तक बढ़ चुकी है.