केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोपित 22 और कर अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है. सरकार के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर विभाग से भ्रष्टाचार खत्म करने की प्रतिबद्धता से जोड़ कर देखा जा रहा है. इसी के तहत कुछ समय पहले वित्त मंत्रालय से जुड़े भारतीय राजस्व सेवा के 27 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया था. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने आज कहा, ‘सीबीआईसी ने भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों तथा सीबीआई की जांच के चलते अधीक्षक/प्रशासनिक स्तर के 22 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को स्थायी रूप से रिटायर कर दिया है.’

सरकार ने पैसे बनाने के चक्कर में विशेष व्यक्तियों और उद्यमों को नोटिस या समन जारी करने वाले कर अधिकारियों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. इसके तहत हाल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि एक अक्टूबर से आयकर अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले सभी समन, नोटिस और आदेश केंद्र सरकार के कंप्यूटर सिस्टम के जरिये जारी होंगे. हरेक नोटिस या समन का अलग से कंप्यूटर जेनरेटिड आइडेंटिफिकेशन नंबर होगा. इस संबंध में पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के कंप्यूटर सिस्टम से जारी नहीं हुआ कोई भी दस्तावेज गैरकानूनी होगा. इसके अलावा संबंधित कंपनी की तरफ से आई प्रतिक्रिया के तीन महीने के अंदर कर विभाग कोई फैसला नहीं करता तो नोटिस या समन समाप्त हो जाएगा.