अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच ईरान ने कहा है कि छोटे दबाव भारत के साथ उसके सदियों पुराने संबंधों को प्रभावित नहीं करेंगे और मुश्किलों का मौजूदा दौर गुजर जाएगा.

पीटीआई के मुताबिक भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही. सोमवार को ‘इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में उन्होंने कहा, ‘भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने और अच्छे संबंध हैं और इन्हीं पर दोनों का भरोसा टिका हुआ है. ये छोटे दबाव (अमेरिका दवारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध) भारत और ईरान के मजबूत संबंधों को प्रभावित नहीं करेंगे...मुश्किलों का मौजूदा दौर गुजर जाएगा.’ ईरानी राजदूत का यह भी कहना था कि तमाम प्रतिबंधों के बावजूद भारत और ईरान के बीच कारोबारी रिश्ते ऊंचाई पर जा रहे हैं.

इस दौरान अली चेगेनी ने अमेरिका को आर्थिक आतंकवादी करार दिया और ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिये उसकी आलोचना की. उन्होंने कहा कि आर्थिक आतंकवादी उस आतंकवादी से भी खराब है जिसने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में या ऐसे ही दूसरे हमलों में सुरक्षा बलों की हत्या की क्योंकि आर्थिक आतंकवादी गरीब लोगों को निशाना बनाते हैं.

ईरानी राजदूत ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने हथियार बेचने के लिये मध्यपूर्व क्षेत्र में अशांति फैला रहा है. अली चेगेनी ने 2018 के परमाणु करार से अलग हटने के लिये भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की.