बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ को कथित हितों के टकराव मामले में अपने सामने पेश होने के लिये कहा है.

सोमवार को डीके जैन ने पीटीआई से इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ को 26 सितंबर को मुंबई में सुनवाई के लिये बुलाया गया है. बीसीसीआई एक अधिकारी ने भी पीटीआई से कहा, ‘नैसर्गिक न्याय की मांग है कि व्यक्तिगत तौर पर द्रविड़ का पक्ष सुना जाए और इसलिए उन्हें सुनवाई के लिये बुलाया गया है.’

बीते महीने राहुल द्रविड़ को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) का निदेशक नियुक्त किया गया था. इसके बाद मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के सदस्य संजीव गुप्ता ने बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन से एक शिकायत की थी. संजीव गुप्ता का कहना था कि द्रविड़ कथित तौर पर हितों के टकराव के दायरे में आते हैं क्योंकि वह एनसीए के निदेशक होने के साथ इंडिया सीमेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष भी हैं. इंडिया सीमेंट ग्रुप के पास आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स का मालिकाना हक है.

इसके बाद इस महीने की शुरुआत में लोकपाल डीके जैन ने संजीव गुप्ता की शिकायत पर राहुल द्रविड़ को लिखित में जवाब देने के लिये कहा था. बताया जाता है कि राहुल द्रविड़ ने जैन को अपना जवाब भेज दिया था. पीटीआई के मुताबिक इस मामले पर राहुल द्रविड़ का अपने बचाव में कहना है कि वह अपने नियोक्ता इंडिया सीमेंट से बिना वेतन के अवकाश पर हैं और उनका आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स से कोई लेना देना नहीं है.

द्रविड़ एनसीए प्रमुख बनने से पहले भारत-ए और अंडर-19 टीमों के कोच थे. एनसीए प्रमुख के रूप में भी वह इन दोनों टीमों की प्रगति पर निगरानी रखेंगे. बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक समय पर दो पदों पर नहीं रह सकता है.