ब्राजील ने अपने यहां स्थित मशहूर वर्षा वन एमेजॉन में लगी आग को बुझाने के लिए जी7 देशों की मदद की पेशकश ठुकरा दी है. वहां के एक शीर्ष अधिकारी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से कहा है कि वे पहले अपने घर की फिक्र करें. ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनैरो के चीफ ऑफ स्टाफ ऑनिक्स लॉरेंजॉनी ने कहा, ‘हमें इस पेशकश से अच्छा लगा लेकिन शायद बेहतर होगा कि इन संसाधनों का इस्तेमाल यूरोप में पेड़ लगाने में किया जाए.’

फ्रांस में हुए जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व की सातों प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने एमेजॉन में लगी आग बुझाने के लिए ब्राजील को दो करोड़ डॉलर की पेशकश की थी. ऑनिक्स लॉरेंजॉनी ने कहा, ‘सब जानते थे कि फ्रांस के एक विश्व धरोहर स्थल पर आग का खतरा है, लेकिन मैक्रों उसे नहीं बचा पाए. वे हमें क्या सिखाना चाहते हैं.’ उनका इशारा पेरिस के मशहूर नॉट्र डैम कैथेड्रल की तरफ था जो बीते अप्रैल में आग से खाक हो गया था.

ब्राजील के एमेजॉन जंगल को ‘दुनिया के फेफड़े’ कहा जाता है. माना जाता है कि यहां की हरियाली से पूरी दुनिया को 20 फीसदी ऑक्सीजन मिलती है. बीते दो हफ्ते से इसमें लगी भीषण आग बुझने का नाम नहीं ले रही है. आग की भयावहता इतनी है कि इसके धुएं से आसपास के इलाकों में आसमान काला हो गया है. पर्यावरण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता इस स्थिति के लिए राष्ट्रपति जेयर बोलसोनैरो को जिम्मेदार बता रहे हैं. दूसरी ओर, बोलसोनैरो का कहना है कि एनजीओ ग्रीन ग्रुप्स ने उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए यह आपराधिक साजिश रची है. उन्होंने बताया कि इस एनजीओ की फंडिंग सरकार ने घटा दी है , इसलिए वह ऐसा कर रहा है.