कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘प्रशंसा’ करने वाले अपने एक बयान के ‘बचाव’ में पार्टी के नेताओं से समर्थन मांगा है. इसे लेकर मंगलवार को एक लेख का हवाला देते हुए उन्होंने एक ट्वीट भी किया. इसके जरिये शशि थरूर ने कहा, ‘मैं मोदी सरकार का कठोर आलोचक रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि मैंने यह काम रचनात्मक तरीके से किया है. अपने समावेशी मूल्यों और संवैधानिक सिद्धातों के बल पर मैंने लगातार तीन चुनाव जीते हैं. मेरी कांग्रेस के अपने साथियों से अपील है कि अगर मेरे विचारों से वे सहमत नहीं हैं तो भी मेरे नजरिए कद्र करें.’

इससे पहले बीते हफ्ते एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी को हमेशा एक ‘खलनायक’ की तरह पेश किए जाने को गलत बताया था. उसके अगले ही दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी रमेश के उस बयान का समर्थन किया था. तब शशि थरूर ने उन दोनों नेताओं के बयानों के मद्देनजर एक ट्वीट के जरिये उस पर सहमति जताई थी. साथ ही उसी ट्वीट से यह भी कहा था कि वे खुद पिछले छह सालों से यह बात कह रहे हैं कि अगर नरेंद्र मोदी कुछ अच्छा कहें तो उसकी तारीफ की जानी चाहिए. इससे जब विपक्षी नेता मोदी के गलत काम की आलोचना करेंगे तो लोगों में उसकी विश्वसनीयता कहीं अधिक होगी.

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की केरल इकाई के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने उनके इस बयान पर नाराजगी जाहिर की थी और कहा था कि केरल कांग्रेस थरूर के इस बयान को स्वीकार नहीं करेगी. रामचंद्रन का यह भी कहना था कि पार्टी ने शशि थरूर से उस बयान पर उनका जवाब मांगने का फैसला किया है और उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.