भारतीय सेना के पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरवाने ने मंगलवार को कहा कि अगर चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर ‘विवादित क्षेत्र’ में 100 बार अतिक्रमण किया है तो भारतीय सेना ने 200 बार ऐसा किया है. पूर्वी सैन्य कमांडर एमएम नरवाने ने यह बात कोलकाता के भारत चैंबर्स ऑफ कॉमर्स में आयोजित कार्यक्रम ‘डिफेंडिंग अवर बॉर्डर्स’ के दौरान कही.

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना के उल्लंघन के मामले बढ़ने के संबंध में किए गए एक प्रश्न के उत्तर में एमएम नरवाने ने कहा, ‘चीन विवादित क्षेत्र में 100 दफा आ चुका है तो हम भी 200 बार वहां गये हैं. तो, ऐसा नहीं सोचें कि यह एकतरफा है. मुझे लगता है कि वे भी अपने वार रूम में यही शिकायत कर रहे हैं कि हमने कई बार यह किया है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘डोकलाम गतिरोध के दौरान चीन सोचा था कि वह क्षेत्रीय दबंग की तरह निकल जाएगा, लेकिन भारतीय सशस्त्र बल पूरी मजबूती से उनके सामने खड़े रहे.’

1962 के युद्ध से मिले सबक और उसके बाद उठाये गये कदमों के बारे में एमएम नरवाने ने कहा, ‘हम अब 1962 वाली सेना नहीं हैं. अगर चीन कहता है कि इतिहास मत भूलो तो हमें भी उन्हें यही बात कहनी है.’ पूर्वी सैन्य कमान के कमांडर ने 1962 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के लिए सेना की नहीं बल्कि राजनीतिक पराजय थी क्योंकि सेना की सभी इकाइयां डटकर लड़ी थीं.