‘आरबीआई से चोरी करने से बात नहीं बनेगी.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के नेता

राहुल गांधी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से केंद्र को 1.76 लाख करोड़ रुपये देने के फैसले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘ऐसा करना किसी दवाखाने से बैंड-ऐड चुराकर गोली लगने से हुए घाव पर लगाने जैसा है.’ राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इस बात से बेखबर हैं कि जो आर्थिक त्रासदी उन्होंने पैदा कर दी है उससे कैसे निपटा जाए.

‘राहुल गांधी को आरोप लगाने से पहले पूर्व में वित्त मंत्री रहे अपनी पार्टी के लोगों से बात कर लेनी चाहिए थी.’

— निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘राहुल गांधी जब चोर और चोरी का विषय उठाते हैं तो मुझे यही ख्याल आता है कि वे पहले भी चिल्ला-चिल्लाकर इन शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं और जनता इसे लेकर उन्हें सबक भी सिखा चुकी है.’ इसी मौके पर जब निर्मला सीतारमण से पूछा गया कि आरबीआई से मिले पैसों का इस्तेमाल कैसे और कहां किया जाएगा तो उनका कहना था कि इस पर अभी विचार किया जाना है.


‘मोदी सरकार ने देश को आर्थिक आपातकाल की तरफ धकेल दिया है.’

— आनंद शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

आनंद शर्मा ने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान सरकार को आरबीआई से मिलने वाले पैसों को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘आरबीआई से सरकार का पैसा लेना ही देश की अर्थव्यवस्था के संकट में होने की पुष्टि करता है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘देश की जीडीपी गिर रही है. बैंकों के पास कर्ज देने के लिए तो वहीं सरकार के पास निवेश के लिए पैसे नहीं हैं. बेरोजगारी अपने चरम पर है. ऐसे में आरबीआई से पैसा लेने का फैसला खतरे की घंटी बजने की तरह है.’


‘मोदी से जुड़ी मेरी राय से सहमत भले न हों पर कांग्रेस के साथी मेरे नजरिए की कद्र करें.’

— शशि थरूर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

शशि थरूर ने यह बात एक ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘प्रशंसा’ करने वाले अपने एक बयान के ‘बचाव’ में कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं मोदी सरकार का कठोर आलोचक रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि मैंने यह काम रचनात्मक तरीके से किया है.’ इससे पहले बीते हफ्ते कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी के बयानों का समर्थन करते हुए शशि थरूर ने नरेंद्र मोदी के अच्छा काम करने पर उसकी तारीफ किए जाने की बात कही थी.


‘पहले हम भारत से श्रीनगर छीन लेने की बात करते थे लेकिन अब मुजफ्फराबाद बचाने के लाले पड़े हैं’

— बिलावल भुट्टो जरदारी, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष

बिलावल भुट्टो जरदारी ने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए अपने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने इमरान खान को ‘इलेक्टेड’ (जनता द्वारा चुना गया) के बजाय ‘सिलेक्टेड’ (सेना द्वारा पद पर बैठाया गया) नेता भी बताया. उन्होंने यह भी कहा, ‘देश की जनता महंगाई की सुनामी में डूब रही है. अर्थव्यवस्था बदहाल है. कश्मीर हमारे हाथों से निकल गया है. सवाल यह है कि इसके लिए हम ‘सिलेक्टेड’ को दोषी ठहराएं या ‘सिलेक्टर्स’ (सेना) को.