कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए एक बयान पर अपनी ही पार्टी के नेता जयराम रमेश की आलोचना की है. उस बयान पर नाराजगी जाहिर करते वीरप्पा मोइली ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दूसरे कार्यकाल में नीतिगत पंगुता (नीतियां लागू न हो पाना) के लिए जयराम रमेश को जिम्मेदार ठहराया है. इसके साथ ही सवालिया लहजे में उन्होंने कहा है, ‘क्या कांग्रेस नरेंद्र मोदी को एक खलनायक के तौर पर पेश कर रही है!’ खबरों के मुताबिक वीरप्पा मोइली ने ये बातें समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत के दौरान कहीं.

इस मौके पर उन्होंने जयराम रमेश के बयान का सम​र्थन करने वाले पार्टी के ही एक अन्य वरिष्ठ नेता शशि थरूर पर भी निशाना साधा और कहा, ‘उन्हें (शशि थरूर) कभी भी परिपक्व राजनीतिज्ञ नहीं समझा गया है. वे अकसर अपने बयानों को लेकर प्रेस में जगह पाते हैं लेकिन मैं नहीं समझता कि उनके बयानों को गंभीरता से लिया जा सकता है.’ इसके साथ ही मोइली ने थरूर से गंभीर राजनीतिज्ञ बनने की अपील भी की है.

इससे पहले बीते हफ्ते एक किताब के विमोचन कार्यक्रम के दौरान जयराम रमेश ने विपक्षी नेताओं द्वारा नरेंद्र मोदी को हमेशा एक ‘खलनायक’ के तौर पर पेश करने को गलत बताया था. तब उन्होंने विपक्ष को मोदी सरकार के काम के महत्व को स्वीकार करने की नसीहत भी दी थी. उसके अगले ही दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और शशि थरूर ने भी इन बातों का समर्थन किया था.

तब शशि थरूर ने एक ट्वीट के जरिये कहा था कि वे यह बात छह सालों से कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी अगर कुछ अच्छा कहें या करें तो उसकी तारीफ की जानी चाहिए. ऐसा होने से जब नरेंद्र मोदी कुछ गलत करेंगे तो उस वक्त विपक्ष की तरफ से की जाने वाली उनकी आलोचना कहीं अधिक विश्वसनीय होगी.

इस दौरान कांग्रेस हाईकमान ने जयराम रमेश और थरूर के बयानों को ‘निराशाजनक’ तो पार्टी के दूसरे नेताओं ने उन पर आपत्ति जताते हुए उन्हें अस्वीकार्य बताया था. इसके अलावा कांग्रेस की केरल इकाई के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने शशि थरूर से उस बयान पर स्पष्टीकरण मांगने की बात कही थी. उनका यह भी कहना कि थरूर से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.