केंद्र सरकार ने जस्टिस अकील कुरैशी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने के सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की सिफारिश को संभवत: वापस लौटा दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कानून मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने संकेत दिया कि सरकार जस्टिस अकील कुरैशी को किसी अन्य हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने के विरुद्ध नहीं है. लेकिन इसकी वजह नहीं बताई कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के संबंध में भेजी गई फाइल को सरकार ने क्यों लौटा दिया.

खबर के मुताबिक बुधवार को शीर्ष अदालत ने कहा कि उसे जस्टिस कुरैशी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की कॉलेजियम की सिफारिश को लेकर कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से एक पत्र मिला है. मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि मंत्रालय की ओर से पत्र मिले पर कोई फैसला लेने के लिए इसे कॉलेजियम के सामने रखा जाएगा. इससे पहले केंद्र ने 16 अगस्त को शीर्ष अदालत से कहा था कि वह जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति से जुड़ी कॉलेजियम की सिफारिश पर एक सप्ताह के भीतर फैसला लेगा. बाद में उसने फाइल वापस भेज दी.

उधर, इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन (जीएचसीएए) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र को यह निर्देश देने की अपील की है कि वह जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को अधिसूचित करे. जीएचसीएए ने अपनी याचिका में कहा है कि सरकार अन्य उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायधीशों की नियुक्ति को हरी झंडी दे चुकी है, न्यायमूर्ति कुरैशी के मामले में उसने कॉलेजियम की सिफारिश को अधिसूचित नहीं किया.