फॉक्स स्टार हिंदी के यूट्यूब चैनल पर बीते तीन-चार दिनों से ‘द ज़ोया फैक्टर’ के प्रमोशनल वीडियो जारी किए जा रहे थे. ये वीडियो बिल्कुल टेलीमार्केटिंग विज्ञापनों के अंदाज में बनाए गए थे. कुछ वीडियो ऐसे हैं जिनमें मशहूर अभिनेता पंकज धीर आकर बताते हैं, कैसे ज़ोया लॉकेट या ज़ोया कवच पहनने से उनकी किस्मत बदल गई. एक खास वीडियो में वे कवच पहनने वाले एक क्रिकेट खिलाड़ी का किस्सा बताते भी दिखते हैं. ‘द ज़ोया फैक्टर’ के ये प्रोमो देखकर फिल्म के बारे में तीन अनुमान लगाए जा सकते हैं. पहला, कि यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जो सबके लिए लकी है, दूसरा यह कि फिल्म में एक जरूरी फैक्टर क्रिकेट भी है और तीसरा, लवस्टोरी तो इसे होना ही है.

लेकिन बुरा यह है कि फिल्म का ट्रेलर इससे आगे जाकर कुछ नहीं बताता. यह 25 जून, 1983 को जन्मी ज़ोया की कहानी दिखाने का वादा करता है. उसकी जन्म तारीख में खास यह है कि उसकी पैदाइश के दिन भारत ने अपना पहला क्रिकेट वर्ल्डकप जीता था. ये झलकियां बताती हैं कि खुद अपने लक से अपने लिए कुछ खास न कर पाने वाली ज़ोया, एक एड एजेंसी में काम करती है. इसके जरिए वह भारतीय क्रिकेट टीम से मिलती है और बाद में, ज़ोया के लक के चलते भारतीय टीम अगला वर्ल्डकप जीतती है.

अभिनय पर आएं तो ज़ोया की मुख्य भूमिका में सोनम कपूर, ‘खूबसूरत’ वाली डॉ मिली चक्रवर्ती की याद दिलाती हैं. ट्रेलर में वे मिली या अपने पिछले कई किरदारों की तरह ही बोलती, चलती और मुंह बनाती दिखती हैं. फिल्म में अगर वे इससे आगे जाकर कुछ करती दिख जाएं तो उसे करिश्मा ही माना जाना चाहिए. सोनम के साथ ‘द ज़ोया फैक्टर’ में दलक़ीर सलमान हैं. मलयालम फिल्मों के सुपर सितारे दलक़ीर इसके पहले इरफान खान के साथ ‘कारवां’ में नज़र आए थे और उन्होंने बखूबी हिंदी दर्शकों का दिल भी जीता था. यहां पर भी वे गिनती के संवाद बोलते हैं और अपनी ग्रेसफुल अपीयरेंस से अपनी तरफ से कुछ अच्छा दिखाने की उम्मीद दे जाते हैं.

फिल्म से जुड़ी एक जरूरी जानकारी यह है कि ‘द ज़ोया फैक्टर’ 2008 में आई अनुजा चौहान की इसी शीर्षक वाली किताब पर आधारित है. इसका निर्देशन ‘तेरे बिन लादेन’ जैसी बढ़िया कॉमेडी और ‘परमाणु’ जैसी कचरा फिल्म बनाने वाले अभिषेक शर्मा ने किया है. हालांकि ‘द ज़ोया फैक्टर’ अपने प्लॉट, संवाद या अभिनय की झलकियों से बहुत उत्सुकता तो नहीं जगा पाती लेकिन फिर भी बिन दिमाग लगाए देखी जाने वाली हल्की-फुल्की फिल्म होने की उम्मीद इससे रखी जा सकती है. इसके अलावा ‘द ज़ोया फैक्टर’ से क्या कमाल होगा, इसका पता बीस सितंबर को फिल्म रिलीज होने के साथ ही चल सकेगा.

Play