प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में ‘फिट इंडिया’ अभियान की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की तरह ही इसे भी देश के कोने-कोने में पहुंचाकर जन आंदोलन बनाना होगा.’ इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरता और फिटनेस को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया.

इसके अलावा पाकिस्तान को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दिया गया बयान भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. उन्होंने लद्दाख में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं पाकिस्तान से पूछना चाहता हूं, कश्मीर कब आपका था कि इसे लेकर रो रहे हो. पाकिस्तान बन गया तो हम आपके वजूद का सम्मान करते हैं लेकिन, कश्मीर पर आपका कोई हक नहीं है.’

धोखाधड़ी के चलते बैंकों को 74 फीसदी अधिक रकम की चपत, नकदी का चलन बढ़ा

बैंकों में धोखाधड़ी रोकने के कानून बनाने के बावजूद इसमें बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. अमर उजाला ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वार्षिक रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि साल 2018-19 में बैंकों में 6,801 धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे. इसमें बैंकों को 71,543 करोड़ रुपये की चपत लगी थी. साल 2017-18 के लिए इन मामलों का आंकड़ा 5,916 था जिनमें बैंकों को 41,167 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था. यानी साल 2017-18 के मुकाबले 2018-19 में बैंकों को धोखाधड़ी से 74 फीसदी अधिक रकम का चूना लगा. वहीं, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. आरबीआई रिपोर्ट के मुताबिक मार्च, 2019 में लेन-देन के लिए करेंसी का इस्तेमाल 17 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 21.1 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है. इसमें 500 रुपये के नोट की हिस्सेदारी 51 फीसदी है.

पटना हाई कोर्ट में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण मिलने की बात कहने वाले न्यायाधीश से सारे मामले वापस लिए गए

पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश राकेश कुमार को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही, उनसे सारे मुकदमे वापस ले लिए गए हैं. इससे पहले उन्होंने बीते बुधवार को अपने एक आदेश में लिखा था कि भ्रष्टाचारियों को न्यायपालिका से भी संरक्षण मिलता है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश एपी शाह की अध्यक्षता वाली 11 न्यायाधीशों की पीठ ने इस आदेश को रद्द कर दिया. साथ ही, पीठ ने कहा, ‘इस आदेश से न्यायपालिका की गरिमा और प्रतिष्ठा गिरी है. संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से ऐसी अपेक्षा नहीं होती है.’

बिहार : रिश्वत न मिलने पर चीफ इंजीनियर ने एक ठेकेदार को जिंदा जलाया

बिहार के गोपालगंज में चीफ इंजीनियर ने रिश्वत न मिलने पर एक ठेकेदार को जिंदा जला दिया. इसके बाद ठेकेदार रमाशंकर सिंह की उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक ठेकेदार के पुत्र राणा सिंह ने आरोप लगाया है कि 60 लाख रुपये के भुगतान के लिए मुख्य अभियंता 15 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था जो न मिलने पर इस घटना को अंजाम दिया गया. मृतक के परिजनों ने आगे बताया कि रमाशंकर सिंह ने गंडक परियोजना परिसर में 2.25 करोड़ रुपये की लागत से एक भवन का निर्माण कराया है. इस काम के ही 60 लाख रुपये बाकी थे. वहीं, पुलिस ने चीफ इंजीनियर के आवास से एक खाली गैलन बरामद किया है. पुलिस को आशंका है कि इसी में केरोसिन रखा गया था. फिलहाल, आरोपित अधिकारी फरार है.

अवार्ड देने में राजनीतिक दखल के चलते ध्यानचंद को ‘भारत रत्न’ से महरूम रखा गया : अशोक कुमार

‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक कुमार ने खिलाड़ियों को सम्मानित किए जाने में राजनीतिक दखल को लेकर बड़ी टिप्पणी की है. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि इसके चलते उनके पिता को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से महरूम रखा गया है. भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान अशोक कुमार ने आगे कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें (ध्यानचंद) को भारत रत्न देने की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए थे. तत्कालीन खेल मंत्री को भी इस बारे में सूचित किया गया था. लेकिन, बाद में इस फैसले को खारिज कर दिया गया.’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसा करके सरकार ने राष्ट्र के एक बेहतरीन खिलाड़ी का अपमान किया है. अशोक ने आगे कहा, ‘अवार्ड की भीख नहीं मांगी जाती, जो हकदार हैं उन्हें अवार्ड दिया जाता है.’

चीन ने भारतीय जेनेरिक दवाओं के लिए अपना बाजार खोला

चीन ने भारत की जेनेरिक दवाओं के लिए अपना बाजार खोलने का फैसला किया है. अब तक चीन ने सभी विदेशी दवाओं के देश में कारोबार पर प्रतिबंध लगाया हुआ था. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक पड़ोसी देश ने इसके लिए अपने दवा कानून में संशोधन किया है. इसके तहत एक दिसंबर, 2019 से चीन में इन दवाओं का सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने की इजाजत होगी. इससे पहले भारत ने चीन से इसकी मांग की थी. बताया जाता है कि साल 2016 और 2018 के बीच चीन में दवा निर्यात के लिए भारत और स्विट्जरलैंड ने सबसे अधिक आवेदन दिए थे. दुनिया भर में निर्यात होने वाली जेनेरिक दवाओं का 20 फीसदी हिस्सा भारत से आता है.