कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी के बुलावे पर आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके साथ मुलाकात की है. खबरों के मुताबिक इस दौरान दोनों नेताओं के बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद के अलावा कई अन्य मुद्दों पर पर भी बातचीत हुई. सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कमलानाथ ने कहा, ‘मैं पिछले छह महीने से कह रहा हूं कि मध्य प्रदेश में नया अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए. लेकिन लोकसभा का पिछला चुनाव देखते हुए पार्टी ने मुझसे इस पद पर बने रहने को कहा था. फिर लोकसभा चुनाव के बाद भी मैंने नया अध्यक्ष बनाए जाने की बात कही थी और आज की बैठक में भी यह बात दोहराई है.’

इसी मौके पर जब उनसे यह पूछा गया कि कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराज हैं और इसको लेकर उन्होंने पार्टी को चेताया भी है? तो इसके जवाब में कमलनाथ ने कहा, ‘यह बात सही नहीं है और मुझे नहीं लगता कि वे किसी से नाराज हैं.’

ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी को लेकर लग रही अटकलों ने तब जोर पकड़ा था जब पिछले दिनों उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए इस पर सरकार का समर्थन किया था. हालांकि उस वक्त उन्होंने कांग्रेस छोड़कर कहीं और न जाने की बात भी कही थी. लेकिन इसके बाद उनके समर्थकों की तरफ से उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद दिए जाने को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी देखने को मिली थी. इस क्रम में बीते दिनों दतिया के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अशोक दांगी का भी एक बयान आया था. उन्होंने कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को यदि मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर रखा जाता है तो 500 कार्यकर्ताओं के साथ वे पार्टी से अपना इस्तीफा दे देंगे.

ऐसा कहा जाता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद से ही यह पद पाना चाहते थे. लेकिन पार्टी हाईकमान ने उन्हें वह पद तो नहीं ही दिया लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी जरूर सौंपी थी. इसके साथ ही दावा किया जाता है कि मध्य प्रदेश में सिंधिया के विरोधी खेमे में शामिल कमलनाथ और दिग्विजय सिंह इस पद पर अपना कोई उम्मीदवार चाहते हैं.