‘भारतीय सेना मानवाधिकारों को अहमियत देती है और कश्मीर में भी इस नीति का अनुसरण किया गया है.’

— डीएस हुड्डा, भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त)

डीएस हुड्डा ने यह बात एक बातचीत के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे अच्छी तरह जानकारी है कि मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर यदि आधिकारिक या गैर आधिकारिक तरीके से कोई शिकायत आती है तो पुलिस के अलावा सेना खुद भी उसकी जांच करती है. ये मामले सिर्फ जांच तक ही सीमित नहीं रहते बल्कि इनमें सजा भी दी जाती है.’ डीएस हुड्डा ने आगे कहा, ‘एक तथ्य यह भी है कि मानवाधिकार उल्लंघन पर मिलने वाली 90 फीसदी शिकायतें गलत भी होती हैं.’

‘लोगों और संगठनों के बीच संवाद अवश्य होना चाहिए फिर चाहे उनके सोचने का तरीका भले ही कुछ हो.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात एक कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिये दिए अपने संबोधन में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘हमें हर बात पर सहमत होने की जरूरत नहीं है. लेकिन सार्वजनिक जीवन में इतनी सभ्यता होनी चाहिए कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग एक-दूसरे को सुन सकें.’ इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ‘न्यू इंडिया’ का जिक्र भी किया और कहा, ‘आज स्थिति बदली है. भारत उन क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है जहां हम पहले मुश्किल से नजर आते थे. फिर ये क्षेत्र स्टार्टअप के तौर पर हों या खेलों के रूप में.’


‘मोदी है तो मुमकिन है!’

— राजीव गौड़ा, कांग्रेस के प्रवक्ता

राजीव गौड़ा ने यह बात एक ट्वीट के जरिये आर्थिक विकास के पिछले साल के अपने न्यूनतम स्तर पर चले जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कही. इसी ट्वीट के जरिये उन्होंने यह भी कहा, ‘यह गिरावट वैश्विक मुद्दों के कारण नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पैदा की गई आपदा है.’ राजीव गौड़ा ने इसके पीछे मोदी सरकार के नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) जैसे फैसलों को जिम्मेदार बताया.


‘कश्मीर में लगी पाबंदियों को लगातार हटाया जा रहा है.’

— प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री

प्रकाश जावड़ेकर ने यह बात एक कार्यक्रम को संंबोधित करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आपको जल्दी ही पूर्ण, सामान्य और एक नया कश्मीर देखने को मिलेगा. इसी मौके पर एक सवाल का जवाब देते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कश्मीर में ‘मीडिया ब्लैकआउट’ की खबरों को भी खारिज किया और कहा, ‘कश्मीरी अखबारों का वहां लगातार प्रकाशन हो रहा है. साथ ही श्रीनगर रेडियो और दूसरे खबरिया चैनल भी लोगों तक पहुंच रहे हैं.’


‘महेंद्र सिंह धोनी की अनदेखी करने का कोई सवाल ही नहीं है.’

— एमएसके प्रसाद, भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता

एमएसके प्रसाद ने यह बात दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज में विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी का चयन न किए जाने को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘धोनी ने अगले साल होने वाले टी-20 क्रिकेट विश्व कप के लिए टीम में उनके विकल्पों पर गौर करने के लिए वक्त दिया है.’ प्रसाद ने आगे कहा, ‘धोनी ने वादा किया है कि अपने करियर को लेकर वे तब कोई फैसला करेंगे जब चयनकर्ताओं के पास विकेटकीपिंग विभाग में पर्याप्त विकल्प मौजूद होंगे.’