पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चेतावनी दी है कि दुनिया में दूसरे विश्व युद्ध जैसा खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बार यह खतरा परमाणु खतरे के साथ है. इमरान खान ने अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार में लिखे अपने एक लेख में यह बात कही है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक लेख में इमरान खान कहते हैं, ‘दक्षिण एशिया पर परमाणु साया मंडरा रहा है. इस खतरे को देखते हुए भारत और पाकिस्तान को कश्मीर, रणनीतिक मामलों और व्यापार के मुद्दों पर यह सोच कर बातचीत शुरू करनी होगी कि अगर एक ने कुछ खोया तो दूसरे को भी उतना ही नुकसान उठाना होगा. कश्मीर पर सभी पक्षों से बात होनी चाहिए, खास तौर पर कश्मीरियों से.’

इमरान खान ने आगे लिखा है, ‘संवाद से सभी पक्ष एक समाधान निकालें तो कश्मीरी लोगों के दशकों पुराने दुख को खत्म किया जा सकता है और क्षेत्र में शांति बहाल की जा सकती है. लेकिन बातचीत तभी हो सकती है जब भारत कश्मीर को लेकर लिए गए अपने अवैध कब्जे को वापस ले, कर्फ्यू और पाबंदी हटाए और अपने सैनिकों को वापस बुला ले.’

लेख में इमरान खान ने यह भी लिखा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह जरूरी है कि वह व्यापार और व्यावसायिक फायदों के आगे भी सोचे. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘म्यूनिक में हुए तुष्टीकरण की वजह से दूसरा विश्व युद्ध हुआ था. ऐसा ही खतरा दुनिया पर फिर मंडरा रहा है, लेकिन इस बार यह खतरा परमाणु खतरे के साथ है.’ इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स को ही दिए एक इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा था कि वे अब भारत से बातचीत नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच चल रही तनातनी में कुछ भी हो सकता है.