असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई है. एनआरसी कार्यालय ने बताया कि इस सूची में 3.11 करोड़ आवेदकों के नाम शामिल हैं. आज जारी हुई अंतिम सूची में से 19.07 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया है. पीटीआई के मुताबिक आवेदक रसीद संख्या (एआरएन) का इस्तेमाल कर अपने नाम ऑनलाइन देख सकते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एनआरसी के राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने बताया, ‘कुल तीन करोड़ 11 लाख 21,004 लोग अंतिम एनआरसी सूची में शामिल किए जाने योग्य पाए गए हैं. 19 लाख 6,657 लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया है. इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने (नागरिकता को लेकर) कोई दावा नहीं किया.’ इससे पहले पिछले साल 30 जुलाई को जारी किए गए एनआरसी मसौदे में 2.89 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे और 40 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया था. आज जारी हुई सूची में ऐसे लोगों की संख्या आधी रह गई है.

एनआरसी सूची में जिन लोगों के नाम नहीं हैं, उनके पास विदेशी न्यायधिकरण (एफटी) के पास जाने का विकल्प है. वे आवेदन को नामंजूर किए जाने संबंधी आदेश की प्रमाणित कॉपी लेकर एफटी के पास जा सकते हैं. इस पर एफटी को 120 दिनों के अंदर फैसला लेना होगा. एनआरसी से जुड़े आवेदनों पर सुनवाई के लिए असम में इस समय सौ विदेशी न्यायाधिकरण काम कर रहे हैं. असम सरकार के अधिकारियों ने बताया कि एक सितंबर से 200 और न्यायाधिकरण शुरू हो जाएंगे.

रिपोर्टों के मुताबिक सूची से बाहर किया गया आवेदक अगर एफटी में भी खुद को भारत का नागरिक साबित नहीं कर पाता है तो उसके पास हाई कोर्ट, और जरूरी हुआ तो सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है. इस बीच एक स्थिति यह है कि न्यायाधिकरण की तरफ से आवेदन रद्द किए जाने के बाद आवेदक को गिरफ्तार किया जा सकता है और किसी हिरासत केंद्र में भेजा जा सकता है.