कश्मीर को लेकर तनावपूर्ण रिश्तों के बीच पाकिस्तान ने भारत के सामने एक बार फिर ‘सशर्त बातचीत’ का प्रस्ताव रखा है. खबरों के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है, ‘उनके देश ने भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत से कभी इनकार नहीं किया. पाकिस्तान अब भी भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है लेकिन भारत ही बातचीत का माहौल नहीं बना रहा.’ इसके साथ ही शाह महमूद कुरैशी का यह भी कहना है कि भारत-पाकिस्तान की बातचीत में अगर कोई तीसरा मध्यस्थता करता है तो इसे लेकर भी उन्हें खुशी होगी.

पाकिस्तान की तरफ से बातचीत के इस प्रस्ताव के साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. शाह महमूद कुरैशी के मुताबिक, ‘इसके लिए भारत को कश्मीर में नजरबंद किए गए नेताओं को रिहा करना होगा.’ कुरैशी का यह भी कहना है कि रिहाई के बाद भारत को उन्हें उनके साथ मुलाकात करने का मौका देना चाहिए ताकि वे कश्मीरी नेताओं को भी बातचीत के लिए रजामंद कर सकें.

वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर भारत पहले ही ‘आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई’ की शर्त रखता रहा है. इसके अलावा इसी महीने कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने और इस राज्य के पुनर्गठन के फैसले को भी भारत अपना आंतरिक मामला बता चुका है. इस संबंध में बीते दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताते हुए यह भी कहा था कि पाकिस्तान से कश्मीर का कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे में अगर पाकिस्तान से कोई बातचीत होगी तो वह कश्मीर नहीं बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर ही होगी.