भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने देश की आर्थिक नीति पर सवाल उठाए हैं. इसके साथ ही एक ट्वीट के जरिये उन्होंने यह भी कहा है, ‘अगर कोई नई आर्थिक नीति नहीं लाई जाती है तो पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को ‘गुडबाय’ कहने के लिए तैयार हो जाइये.’ इसी ट्वीट से सुब्रमण्यम स्वामी ने आगे कहा है, ‘चरमराती अर्थव्यवस्था से बचाव के लिए सिर्फ साहस या केवल ज्ञान की नहीं बल्कि इन दोनों की जरूरत है. आज हमारे पास इन दोनों में से कुछ नहीं है.’

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह बात ऐसे समय पर कही है जब एक दिन पहले ही साल 2019-20 की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े सामने आए हैं और इनके मुताबिक जीडीपी की वृद्धि दर पांच प्रतिशत है. जीडीपी की यह वृद्धि दर पिछले छह सालों की न्यूनतम दर भी है.

हालांकि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बीते हफ्ते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटोमोबाइल, मैन्यूफैक्चरिंग और रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के अलावा टैक्स संबंधी कुछ अहम घोषणाएं की थीं. फिर इसी शुक्रवार को बैंकिंग क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री ने दस सरकारी बैंकों का विलय करके चार बैंक बनाने की घोषणा भी की है.

वहीं ऑटो और रियल्टी जैसे सेक्टरों के लिए की गई निर्मला सीतारमण की घोषणाओं को सुब्रमण्यम स्वामी पहले ही नाकाफी बता चुके हैं. इसके अलावा आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए वे आयकर को खत्म करके सावधि ब्याज दर बढ़ाने और कर्ज की दरों को नौ प्रतिशत पर लाए जाने की जरूरत भी बता चुके हैं. स्वामी के मुताबिक इन फैसलों से आर्थिक क्षेत्र में फौरन बदलाव दिखने लगेंगे.