ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि शनिवार को जारी एनआरसी की अंतिम सूची में अवैध प्रवासियों की संख्या 19 लाख बताई गई है जबकि भाजपा इस संख्या के 40 लाख होने का दावा कर रही थी. असदुद्दीन ओवैसी के मुताबिक, ‘यह संख्या एक मिथक के टूटने और भाजपा के कथित दावे का भंडाफोड़ होने जैसा है. इसलिए असम से सबक लेते हुए भाजपा को देशभर में एनआरसी लागू करने का विचार बंद करना चाहिए.’

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘असम में एनआरसी को लेकर मेरी कई लोगों से बात हुई है. इन लोगों ने मुझे बताया है कि उनके नाम तो सूची में शामिल हैं लेकिन उनके बच्चों के नामों को इसमें से हटा दिया गया है.’ इसके साथ ही भारतीय सेना में सेवा दे चुके मोहम्मद सनाउल्लाह का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा, ‘उनका नाम भी एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है. लेकिन उनकी नागरिकता का मसला हाईकोर्ट के सामने विचाराधीन है. मुझे पूरा विश्वास है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा.

इसके साथ ही एमआईएम प्रमुख ने यह संभावना भी है जताई कि नागरिक संशोधन विधेयक के जरिये गैर मुस्लिमों को नागरिकता देने की कोशिश के लिए भाजपा विधेयक ला सकती है. ओवैसी का कहना है कि ऐसा विधेयक लाना संविधान द्वारा जनता को दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा.