‘अगर कोई नई आर्थिक नीति नहीं लाई जाती तो पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को ‘गुडबाय’ कहने के लिए तैयार हो जाइए.’

— सुब्रमण्यम स्वामी, राज्यसभा सांसद

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आई गिरावट के मद्देनजर कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘चरमराती अर्थव्यवस्था से बचाव के लिए सिर्फ साहस या केवल ज्ञान की नहीं बल्कि इन दोनों की जरूरत है. आज हमारे पास इन दोनों में से कुछ नहीं है.’

‘पाकिस्तान अब भी बातचीत के लिए तैयार है लेकिन भारत ही बातचीत का माहौल नहीं बना रहा.’

— शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तान के विदेश मंत्री

शाह महमूद कुरैशी ने यह बात भारत को बातचीत का प्रस्ताव देते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘इस बातचीत के लिए भारत को कश्मीर में नजरबंद नेताओं को रिहा करना होगा. इसके बाद भारत को उन्हें उनके साथ मुलाकात करने का मौका देना होगा ताकि वे कश्मीरी नेताओं को भी बातचीत के लिए रजामंद कर सकें.’ शाह महमूद कुरैशा ने आगे कहा, ‘इस बातचीत में अगर कोई तीसरा मध्यस्थता करता है तो इसे लेकर भी उन्हें खुशी होगी.’


‘भारत आतंकवाद मुक्त माहौल में पाकिस्तान से द्विपक्षीय बातचीत के लिए तैयार है.’

— एस जयशंकर, विदेश मंत्री

एस जयशंकर ने यह बात यूरोपीय यूनियन के कमिश्नर क्रिस्टोस स्टीलियनाइड्स के साथ एक बैठक के दौरान कही. उनके इस बयान से पहले इसी बैठक में क्रिस्टोस स्टीलियनाइड्स ने ‘नई​ दिल्ली और इस्लामाबाद’ को आपसी बातचीत के जरिये कश्मीर मुद्दा सुलझाने की सलाह दी थी.


‘नरेंद्र मोदी से पहले देश की सत्ता का संचालन लुंज-पुंज हाथों में था.’

— जेपी नड्डा, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष

जेपी नड्डा ने यह बात एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मोदी सरकार से पहले की सरकार का अंतरराष्ट्रीय जगत में कोई महत्व नहीं था क्योंकि उसका नेतृत्व अपने पारिवारिक हितों को छोड़कर जनकल्याण के बारे में सोच ही नहीं सकता था.’ इस मौके पर जेपी नड्डा ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र भी किया. धारा 370 को ‘नासूर’ की तरह बताते हुए उन्होंंने कहा, ‘हमारी सरकार ने इसे एक झटके में ही खत्म कर दिया और अब हम किसी भी हाल में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को भी हासिल करेंगे.’


‘भाजपा एनआरसी की सूची से खुश नहीं है, इसमें से और लोगों का नाम बाहर होना चाहिए’

— हेमंत बिस्वा सरमा, भाजपा के वरिष्ठ नेता

हेमंत बिस्वा सरमा ने यह बात एक बातचीत के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा ‘अवैध प्रवासियों’ को देश से बाहर निकालने की ‘लड़ाई’ लड़ती रहेगी. इसके साथ ही हेमंत बिस्वा सरमा का यह भी कहना था, ‘भाजपा और असम सरकार इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और सीमावर्ती जिलों में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) सूची के री-वेरीफिकेशन (फिर से पुष्टि) की मांग करेंगे.’