एक सितंबर यानी कल से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसकी वजह है मोटर वाहन अधिनियम-2019 (संशोधित) के वे प्रावधान जो रविवार से पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं. इन्हें इसी हफ्ते सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नोटिफाई किया था. इनके तहत ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर अब पहले के मुकाबला भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है. इन्हीं के मुताबिक अब अगर कोई वाहन एम्बुलेंस को आगे जाने का रास्ता नहीं देता तो उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है.

नए नियमों के तहत अब बिना लायसेंस के वाहन चलाने पर 5000 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा जबकि इससे पहले यह राशि 500 रुपये थी. लायसेंस रद्द होने के बावजूद वाहन चलाने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर दस हजार रुपये कर दिया गया है. तय सीमा से अधिक गति पर वाहन चलाने पर 1000 से 2000 रुपये (हल्का वाहन) और 2000 से 4000 रुपये (भारी वाहन) जुर्माना तय किया गया है. वहीं अगर वाहन चालक दूसरी बार यही गलती करता है तो उसका लाइसेंस निलंबित किया जाएगा.

शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लिए अब छह महीने की सजा या दस हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. दूसरी बार इस नियम का उल्लंघन होने पर वाहन चालक को दो साल तक की सजा हो सकती है या उसे 15000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

नाबालिगों के वाहन चलाने पर पहले जुर्माने का अलग से कोई प्रावधान नहीं था. लेकिन कल से कोई नाबालिग सड़क पर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 25 साल की उम्र तक लाइसेंस नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा उसके ऊपर किशोर अपराध कानून के तहत मामला भी दर्ज किया जा सकता है. साथ ही ऐसे मामलों में वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और इसके मालिक और नाबालिग के माता-पिता पर 25 हजार रुपये के जुर्माने के साथ उन्हें तीन साल की सजा भी हो सकती है.

नए नियमों के तहत एक सितंबर से माल ढुलाई वाले वाहनों का लाइसेंस बनवाने वालों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की शर्त भी हट जाएगी. मोटर वाहन अधिनियम (संशोधित)-2019 जुलाई में लोकसभा और अगस्त की शुरुआत में राज्यसभा से पारित हुआ था और नौ अगस्त को राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी थी.

ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर जुर्माना और सजा से जुड़ी और जानकारी के लिए नीचे दी गई सूची देखी जा सकती है.