हरियाणा में जल्दी ही गाय-भैसों के वंश-वृक्ष तैयार किए जाएंगे ताकि इस आधार पर उनकी उन्नत नस्ल तैयार की जा सके. इससे इन गाय और भैसों के खरीददारों को भी मदद मिलेगी और विक्रेता भी बेहतर दाम के लिए मोलभाव कर पाएंगे.
मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली सरकार का दावा है कि हरियाणा ऐसी कवायद करने वाला देश का पहला राज्य है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक राज्य में फिलहाल इस काम के लिए करीब 2000 पशु चिकित्सकों को लगाया जाएगा. ये घर-घर जाकर घरेलू पशुओं के दूध देने की मात्रा सहित सभी प्रकार के आंकड़े जुटाएंगे. इसके बाद सरकार इन पशुपालकों को हर एक पशु (गाय या भैंस) के लिए एक रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करेगी.
इस कवायद पर हरियाणा के पशुपालन और डेयरी मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बताया है कि पशुओं का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से स्वैच्छिक है. जो पशुपालक इस प्रक्रिया में शामिल होना चाहेंगे उन्हीं के यहां पशु चिकित्सक पहुंचेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा है, ‘पशुओं की पहले की पीढ़ियों के बारी जानकारी मिलना काफी मुश्किल होता है लेकिन अब हम इसका रिकॉर्ड रखना शुरू करेंगे. इससे आने वाले सालों में हर गाय-भैंस के परिवार का रिकॉर्ड इकट्ठा हो जाएगा. इसके बाद कृत्रिम गर्भाधान के लिए उन्हीं पशुओं का वीर्य चुना जाएगा जो ज्यादा दूध देते हैं.’
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