जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देकर आईएएस अधिकारी ने नौकरी छोड़ी | रविवार, 25 अगस्त 2019
जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अपने बोलने की आजादी का हवाला देकर इस्तीफा देने वाले आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने कहा कि घाटी में लगी पाबंदियां वहां के लोगों को देश से और दूर करेंगी. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को अनुच्छेद 370 को लेकर मनाया जाना चाहिये, लेकिन उन्हें विचार प्रकट करने का मौका न दिए जाने से ऐसा नहीं हो पा रहा.

कन्नन गोपीनाथन 2012 के बैच के आईएएस अधिकारी हैं. इस्तीफा देने से पहले वे संघ शासित प्रदेशों दमन और दीव तथा दादरा एवं नागर हवेली के ऊर्जा विभाग में सचिव रहे. उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन’ के खिलाफ अपने विचार प्रकट करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी है. हालांकि पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बीते बुधवार को दिए उनके त्यागपत्र में कश्मीर मुद्दे का जिक्र नहीं था. उन्होंने कहा, ‘मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहता हूं. लेकिन सेवा में रहते मेरे लिए ऐसा करना नामुमकिन था. इसमें कई नियम-कायदे होते हैं.’
मायावती ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के जम्मू-कश्मीर जाने पर सवाल उठाया | सोमवार, 26 अगस्त 2019
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया. इस संबंध में आज एक के बाद एक ट्वीट करते हुए उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा है. मायावती ने कहा, ‘जैसा कि विदित है कि बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखंडता के पक्षधर रहे हैं, इसलिए वे जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से धारा 370 का प्रावधान करने के कतई भी पक्ष में नहीं थे. इसी खास वजह से बीएसपी ने संसद में इस धारा को हटाए जाने का समर्थन किया.’
इसके अलावा दो अन्य ट्वीट्स में मायावती ने कहा, ‘देश में संविधान लागू होने के लगभग 69 वर्षों के उपरान्त धारा 370 की समाप्ति के बाद अब वहां (जम्मू-कश्मीर) हालात सामान्य होने में थोड़ा समय अवश्य ही लगेगा. इसका थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर है, जिसको माननीय कोर्ट ने भी माना है.’
केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपित 22 और कर अधिकारियों को बर्खास्त किया | मंगलवार, 27 अगस्त 2019
केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोपित 22 और कर अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया. सरकार के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर विभाग से भ्रष्टाचार खत्म करने की प्रतिबद्धता से जोड़ कर देखा जा रहा है. इसी के तहत कुछ समय पहले वित्त मंत्रालय से जुड़े भारतीय राजस्व सेवा के 27 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया था. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने आज कहा, ‘सीबीआईसी ने भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों तथा सीबीआई की जांच के चलते अधीक्षक/प्रशासनिक स्तर के 22 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को स्थायी रूप से रिटायर कर दिया.’
सरकार ने पैसे बनाने के चक्कर में विशेष व्यक्तियों और उद्यमों को नोटिस या समन जारी करने वाले कर अधिकारियों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. इसके तहत हाल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि एक अक्टूबर से आयकर अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले सभी समन, नोटिस और आदेश केंद्र सरकार के कंप्यूटर सिस्टम के जरिये जारी होंगे.
सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ धारा 370 हटाए जाने की समीक्षा करेगी | बुधवार, 28 अगस्त 2019
सुप्रीम कोर्ट धारा 370 हटा कर जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता की समीक्षा के लिए तैयार हो गया. शीर्ष अदालत ने आज इस बारे में सुनवाई करते हुए कहा कि वह अक्टूबर में इस फैसले की समीक्षा करेगी. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस भी जारी किया. साथ ही, उसने इस मामले में दायर की गई सभी याचिकाओं को पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ के पास भेज दिया. सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी को अपने सहयोगी मोहम्मद यूसुफ तारीगामी और एक कश्मीरी छात्र को अपने परिवार से मिलने के लिए जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत दे दी.
दो अक्टूबर से इन छह प्लास्टिक आइटमों पर देशव्यापी प्रतिबंध | गुरुवार, 29 अगस्त 2019
केंद्र सरकार आगामी दो अक्टूबर से छह प्लास्टिक आइटमों पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने जा रही है. इन आइटमों में प्लास्टिक बैग, कप, स्ट्रॉ, प्लेट, छोटी बोतलें और खास तरह की थैलियां शामिल हैं. सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित चीजों के निर्माण और इस्तेमाल के साथ उनके आयात पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा.
केंद्र सरकार एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक उत्पादों को बंद करने के प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसका नेतृत्व कर रहे हैं. स्वतंत्रता दिवस पर दिए अपने भाषण में उन्होंने लोगों और सरकारी एजेंसियों से अपील की थी कि वे देश को एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से मुक्त करने की दिशा में आगामी दो अक्टूबर को बड़ा कदम उठाएं. सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक इस तरह के प्लास्टिक को खत्म कर दिया जाए. हालांकि इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे पर्यावरण मंत्रालय और आवासन मंत्रालय ने रॉयटर्स द्वारा संपर्क किए जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
सीबीआई ने टीएमसी के तीन सांसदों के खिलाफ केस चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुमति मांगी | शुक्रवार, 30 अगस्त 2019
सीबीआई ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन सांसदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अनुमति मांगी. उसने नरादा स्टिंग ऑपरेशन मामले में टीएमसी सांसद सौगत राय, काकोली घोष दस्तिदार और प्रसून बनर्जी पर मामला चलाए जाने को लेकर ओम बिड़ला से यह अपील की. सीबीआई सूत्रों ने कहा कि इन तीनों सांसदों समेत मामले के दस आरोपितों को समन जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान इनके वॉइस सैंपल भी लिए जाएंगे.
अखबार ने केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से मंजूरी मिलने के बाद तीनों सांसदों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी. एक अधिकारी ने कहा, ‘एक पूर्व सांसद के खिलाफ मंजूरी लेना जरूरी था जो स्टिंग ऑपरेशन के समय भी सांसद थे और अभी भी सांसद हैं.’
असम : अंतिम एनआरसी सूची में 3.11 करोड़ लोगों के नाम, 19 लाख बाहर किए गए | शनिवार, 31 अगस्त 2019
असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई. एनआरसी कार्यालय ने बताया कि इस सूची में 3.11 करोड़ आवेदकों के नाम शामिल हैं. आज जारी हुई अंतिम सूची में से 19.07 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया. पीटीआई के मुताबिक आवेदक रसीद संख्या (एआरएन) का इस्तेमाल कर अपने नाम ऑनलाइन देख सकते हैं.
एनआरसी के राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने बताया, ‘कुल तीन करोड़ 11 लाख 21,004 लोग अंतिम एनआरसी सूची में शामिल किए जाने योग्य पाए गए. 19 लाख 6,657 लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया. इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने (नागरिकता को लेकर) कोई दावा नहीं किया.’ इससे पहले पिछले साल 30 जुलाई को जारी किए गए एनआरसी मसौदे में 2.89 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे और 40 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया था. जारी हुई नयी सूची में ऐसे लोगों की संख्या आधी रह गई.
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