विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची से बाहर रह गए लोग ‘राष्ट्रविहीन नहीं हैं’. उसने कहा है कि ये लोग (सूची से बाहर होने के बाद) सभी विकल्पों का इस्तेमाल कर लेने तक अपने सभी अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि असम में एनआरसी से बाहर होने पर किसी व्यक्ति के अधिकारों पर कोई असर नही पड़ेगा.

द हिंदू बिजनेस लाइन के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘असम में एनआरसी से बाहर किए जाने से किसी व्यक्ति के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे. जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में नहीं हैं, उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा और वे पहले की तरह सभी अधिकारों का इस्तेमाल करते रहेंगे.’ मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘इससे (सूची से बाहर होना) व्यक्ति राष्ट्रविहीन नहीं होता. यह उन्हें विदेशी नहीं बनाती. उन्हें किसी भी अधिकार से वंचित नही किया जाएगा.’

विदेश मंत्रालय का यह बयान कुछ विदेशी मीडिया संस्थानों की उन रिपोर्टों के बाद आया जिसमें अंतिम एनआरसी सूची को ‘अशुद्ध’ बताया गया था. गौरतलब है कि इस सूची में शामिल होने के लिए असम के 3.3 करोड़ लोगों ने आवेदन दिए थे. शनिवार को सामने आई इस सूची में से 19 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया है, जिस पर असम और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने आपत्ति जताई है.