महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगामी विधानसभा चुनाव एक बार फिर शिवसेना के साथ लड़ने की बात कही है. उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि चुनाव जीतने के बाद वे ही गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री बनेंगे. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा और शिवसेना में मुख्यमंत्री पद को लेकर हो रहे दावों पर बात की. उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में यह लोगों पर छोड़ देना चाहिए. अगर हमने अच्छा काम किया है, जो कि मुझे लगता है कि हमने किया है, तो लोग हमें फिर चुनेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के संसदीय बोर्ड को मुख्यमंत्री चुने का अधिकार है. हालांकि राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि वे मुझे ही चुनेंगे.’

वहीं, शिवसेना से गठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जहां तक मैं जानता हूं (भाजपा की) दिल्ली और महाराष्ट्र आलाकमान में इसे लेकर कोई उलझन नहीं है. हम गठबंधन में रह कर चुनाव लड़ेंगे, इसी के तहत जनादेश आएगा. जल्दी ही इस बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.’ देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना का गठबंधन जरूरत के आधार पर नहीं, बल्कि विचारधारा के आधार पर है. उन्होंने कहा, ‘हम लोकसभा चुनाव एक साथ लड़े. हमने विधानसभा चुनाव के लिए भी गठबंधन जारी रखने का फैसला किया है. 2014 में बहुत कम सीटों के लिए हमने गठबंधन तोड़ दिया था. लेकिन इससे कोई भी खुश नहीं था. हम समझ गए हैं कि हमें एक साथ रहना चाहिए. गठबंधन में रहते हुए आपको कभी कुछ मिलता है और कभी कुछ चीजें छोड़नी पड़ती हैं.’

अखबार के मुताबिक इस पर जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या इस बार भाजपा मुख्यमंत्री पद का बलिदान देगी, तो देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री पद के बारे में वे बात कर रहे हैं जिन्हें इसका अधिकार नहीं है. जो तय हुआ है वह मैं, अमित (शाह) भाई और उद्धव जी जानते हैं. समय आने पर आपको भी इस बारे में पता चल जाएगा. मैंने विधानसभा में भी कहा कि मैं बतौर मुख्यमंत्री वापस आ रहा हूं.’ यह बात कहते हुए देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर भी भाजपा और शिवसेना में कोई बातचीत नहीं हुई है.