पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सीबीआई हिरासत फिर तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई है. उन्हें जांच एजेंसी ने बीती 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था. इससे पहले पी चिदंबरम के अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से अनुरोध किया था कि उनके मुवक्किल 74 साल के हैं और उन्हें तिहाड़ जेल भेजने के बजाय घर पर नजरबंद रखा जाना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस दलील को ठुकरा दिया. उसका कहना था कि इस तरह की हिरासत में सिर्फ राजनीतिक बंदियों को रखा जाता है. सीबीआई हिरासत बढ़ाते हुए उसने यह भी कहा कि पी चिदंबरम को किसी भी राहत के लिए संबंधित अदालत के पास जाना चाहिए.

पी चिदंबरम की यह गिरफ्तारी आईएनएक्स मीडिया मामले में हुई है. यह मामला 2007 का है. तब पी चिदंबरम ही वित्त मंत्री थे. इस मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें आरोप लगाया गया है कि 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश के लिए आईएनएक्स को दी गई फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में अनियमितताएं बरती गईं. इससे पहले पी चिदंबरम की हिरासत तीन बार बढ़ाई जा चुकी है. इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्डरिंग से जुड़ा एक केस दर्ज किया है. वह भी पी चिदंबरम की हिरासत की मांग कर रहा है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग पर फैसला पांच सितंबर के लिए सुरक्षित रखा हुआ है.