मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को सोमवार को सलाह दी कि उन्हें लंबित कामों को लेकर मंत्रियों को चिट्ठियां लिखने के बजाय फोन कर सीधे ‘आदेश’ देना चाहिये. मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार में चल रही तनातनी के मद्देनजर मंत्री के इस बयान को दिग्विजय पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है.

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, ‘पत्र लिखना तो विपक्ष का काम है. दिग्विजय सिंह प्रदेश में हमारे सबसे वरिष्ठ नेता हैं. उन्हें काम को लेकर हम मंत्रियों को फोन कर सीधे आदेश देना चाहिये. सूबे का हर मंत्री उनके सामने दंडवत है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिग्विजय 10 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं. हो सकता है कि सूबे के विकास के संदर्भ में वह कमलनाथ सरकार के जरिये उन कमियों को पूरा कराना चाहते हैं, जो उनके मुख्यमंत्रित्व काल में पूरी नहीं हो सकी थीं.’

सज्जन सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री कमलनाथ का करीबी समर्थक माना जाता है. दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार के मंत्रियों को हाल ही में पत्र लिखे थे. इन पत्रों में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सूबे के मंत्रियों द्वारा उन्हें 31 अगस्त से पहले मुलाकात का वक्त दिया जाये, ताकि पता चल सके कि तबादलों और अन्य लंबित कार्यों को लेकर उनके द्वारा लिखी गयी चिट्ठियों पर क्या कार्यवाही की गयी है? इससे पहले मध्य प्रदेश के वन मंत्री ने भी दिग्विजय के पत्र को लेकर आरोप लगाया था कि वे पर्दे के पीछे से सरकार चलाना चाह रहे हैं.