पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत के संदर्भ में उनका देश पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल या फिर सैन्य हमला न करने की नीति पर चल रहा है. सोमवार को लाहौर में पहले अंतरराष्ट्रीय सिख सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘हम दोनों परमाणु हथियार रखने वाले देश हैं. अगर तनाव बढ़ता है तो दुनिया खतरे में होगी. लेकिन कभी भी हमारी तरफ से शुरुआत नहीं होगी.’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह बात जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद भारत के साथ सैन्य तनाव के संदर्भ में कही है. इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि अभी तक भारत की नीति परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल करने की रही है, लेकिन भविष्य में इस पर पुनर्विचार हो सकता है. उधर, इमरान खान ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है और जो इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता उसने इतिहास नहीं पढ़ा है. उन्होंने कहा, ‘मैं भारत को बताना चाहता हूं कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है. युद्ध में जीतने वाले को भी बहुत कुछ गंवाना पड़ता है.’

इससे पहले अमेरिका के चर्चित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में इमरान खान ने एक लेख भी लिखा था. इसमें उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के भारत के फैसले ने दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा दिया है. इमरान खान के मुताबिक अगर विश्व शक्तियों ने इस मामले में दखल नहीं दिया तो दोनों परमाणु संपन्न शक्तियों के बीच टकराव तय है.

उधर, भारत ने एक बार फिर कहा है कि पाकिस्तान से किसी भी तरह की बातचीत के लिए पहली शर्त यही है कि वह अपनी जमीन से आतंकवाद का संरक्षण बंद करें. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह संरक्षण गुपचुप नहीं बल्कि खुलेआम हो रहा है और जब तक ऐसा है तब तक बातचीत का सवाल ही नहीं उठता.