वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा है कि आधुनिक तकनीक से लैस अपाचे 64-ई लड़ाकू हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना की मारक क्षमताओं में वृद्धि करेगा. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने यह बात आठ अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को भारतीय वायुसेना में शामिल किए जाने के लिए आयोजित एक समारोह में कही. यह आयोजन आज पठानकोट वायुसेना स्टेशन में हुआ.

आधुनिक युद्धक क्षमता वाले ये हेलीकॉप्टर अमरीकी कंपनी बोइंग ने बनाए हैं. इन्हें 27 जुलाई को गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस लाया गया था. फिर ट्रायल के बाद इन्हें पठानकोट एयरबेस भेज दिया गया जहां आज औपचारिक रूप से इन्हें भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया. इस मौके पर बीएस धनोआ ने कहा कि ये हेलीकॉप्टर आधुनिक तकनीक से लैस हैं और इन्हें पश्चिमी क्षेत्र में तैनात किया जाएगा. भारतीय वायु सेना ने इस हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान का वीडियो भी साझा किया है.

इससे पहले पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर अपाचे हेलीकॉप्टर पर पानी की बौछार करके इसे सैल्यूट किया गया. एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा, ‘यह दुनिया के सबसे ताक़तवर और आक्रामक हेलिकॉप्टरों में से एक है. यह कई तरह के मिशन को अंजाम दे सकता है.’ वायु सेना प्रमुख का आगे कहना था, ‘अपाचे हेलीकॉप्टर का भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होना इसके आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.’ बीएस धनोआ ने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस ये हेलीकॉप्टर सभी मौसमों में दिन-रात तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम है.

भारत ने बोइंग और अमेरिकी सरकार से 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों का समझौता किया था. बीएस धनोआ ने कहा, ‘अपाचे 64-ई लड़ाकू हेलीकॉप्टर पुराने हो रहे एमआई-35 बेड़े की जगह लेंगे. कुल 22 अपाचे लिए जाने हैं. इनकी आखिरी खेप मार्च 2020 में मिलेगी.’

भारत के लिए पठानकोट एयरबेस पर इन हेलीकॉप्टरों की मौजूदगी इसलिए भी अहम है कि यहां से सटी पाकिस्तान सीमा पर अक्सर तनाव रहता है. करीब 16 फीट ऊंचे और 18 फीट चौड़े अपाचे हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए दो पायलटों की जरूरत होती है. दो इंजनों की वजह से यह अधिकतम 280 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकता है. जानकारों के मुताबिक अपाचे के खास डिजाइन के चलते इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है. इसमें 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता है. हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं. अपाचे एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है.