आर्थिक क्षेत्र में सुस्ती गहराने का असर मंगलवार भारतीय शेयर बाजारों पर दिखा. मंगलवार को निवेशकों की जमकर बिकवाली के चलते बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 770 अंक नीचे आ गया. वहीं, निफ्टी भी 225 अंक टूटकर बंद हुआ.

मंगलावर को बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 769.88 अंक यानी 2.06 प्रतिशत के नुकसान से 36,562.91 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 225.35 अंक यानी 2.04 प्रतिशत के नुकसान से 10,797.90 अंक पर आ गया. सुपर रिच टैक्स जैसे प्रावधानों के कारण बाजार के लगातार गिरने के कारण सरकार ने बजट की कई घोषणायें वापस ले ली थीं, लेकिन इसके बाद भी निवेशकों में सकारात्मक माहौल नहीं दिख रहा है.

जानकारों के मुताबिक, पिछले दिनों सकल घरेलू उत्पाद, बुनियादी उद्योगों और वाहन बिक्री के आंकड़े आए हैं. ये सभी आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं कि देश में आर्थिक सुस्ती गहरा रही है. इस वजह से निवेशक लगातार शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. सरकार के सार्वजनिक बैंकों के विलय के फैसले के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयर टूट रहे हैं. इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से निवेशकों में यह संदेश तो गया है कि सरकार न केवल बैंकों में नई पूंजी डाल रही है बल्कि वह उनके संचालन में भी सुधार चाहती है. लेकिन फिर भी बैंकों का यह विलय बैंकों की भौगोलिक उपस्थिति और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुये परेशान करन वाला लगता है. ऐसे में इस फैसले को लेकर भी बाजार में कई तरह की आशंकायें हैं.

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी वृद्धि के आंकड़े पिछले शुक्रवार शेयर बाजार में कारोबार बंद होने के बाद जारी हुये थे. पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि पांच प्रतिशत रही है जो कि पिछले छह साल में सबसे कम है. इसके साथ ही आठ बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई है.