पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर शिकंजा कसता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्डरिंग के एक केस में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में पी चिदंबरम को राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि अगर ऐसा किया गया तो जांच में बाधा आ सकती है. सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना था कि आर्थिक अपराधों से अलग तरीके से निपटा जाना चाहिए क्योंकि इनका देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है.

पी चिदंबरम पिछले 15 दिन से सीबीआई हिरासत में हैं जो आज खत्म हो रही है. पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है. आरोप है कि 2006 में विदेशी निवेश के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को मंजूरी देने में गड़बड़ी की गई. तब पी चिदंबरम ही वित्त मंत्री थे. इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी मनी लॉन्डरिंग से जुड़ा एक केस दर्ज किया है. वह भी पी चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाह रहा है. ईडी द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व वित्त मंत्री पहले दिल्ली हाई कोर्ट गए थे. लेकिन वहां उनकी जमानत याचिका नामंजूर हो गई. इसके बाद ही पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी.