अब तक सीबीआई की हिरासत में रहे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को अब तिहाड़ जेल में रहना होगा. दिल्ली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. स्पेशल जज अजय कुमार कुहाड़ ने चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल की उस दलील को खारिज कर दिया कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाना चाहिए. सीबीआई कस्टडी खत्म होने के बाद एजेंसी ने चिदंबरम को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया. इस दौरान सीबीआई ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, जबकि चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने इसका विरोध किया.

उधर, सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्डरिंग के एक केस में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज कर दी थी है. शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में पी चिदंबरम को राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि इससे जांच में बाधा आ सकती है. सुप्रीम कोर्ट का ये भी कहना था कि आर्थिक अपराधों से अलग तरीके से निपटा जाना चाहिए क्योंकि इनका देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है. जबकि, दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल-मैक्सिस केस में पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को अग्रिम जमानत दे दी है. अदालत ने कहा कि मामला 2018 में दर्ज हो चुका है लेकिन ईडी जांच की जरूरत के बहाने तारीख पर तारीख मांगे जा रहा है. इस मामले में पी चिदंबरम पर आरोप है कि 2006 में वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने एयरसेल में 3,650 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश को अवैध मंजूरी दिलाई.