भारत का महत्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन अपने आखिरी चरण में है. नासा सहित सारी दुनिया की निगाहें इस पर लगी हुई हैं. चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में आज रात एक बजकर 55 मिनट पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा. इसका नाम भारत के अंतरिक्ष मिशन के जनक माने जाने वाले विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है.

विक्रम के चांद की सतह पर उतरने के बाद इसके भीतर से प्रज्ञान नाम का रोवर बाहर निकलेगा. इसके बाद यह रोवर अपने छह पहियों पर चलकर धरती के इस इकलौते उपग्रह की सतह पर अपने वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा और इससे जुड़ी जानकारियां धरती तक भेजेगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक अभी तक सब कुछ योजना के हिसाब से चल रहा है.

इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ चंद्रयान -2 अभियान का सबसे जटिल चरण है. अगर सब कुछ ठीक रहता है तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. इसके साथ ही अंतरिक्ष इतिहास में भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला दुनिया का पहला देश बनने की उपलब्धि भी अपने नाम कर लेगा.