भारत के सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान चंद्रयान-2 को बड़ा झटका लगा है. इसके लैंडर विक्रम का कमांड सेंटर से संपर्क टूट गया है. यह तब हुआ जब विक्रम चांद की सतह से सिर्फ दो किलोमीटर दूर था.

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बेंगुलरु स्थित इसरो के मुख्यालय में मौजूद थे. वैज्ञानिकों ने उन्हें इस जानकारी से अवगत कराया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हिम्मत बंधाई और कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. उनका यह भी कहना था कि अभियान से जो हासिल हुआ, वह भी कम बड़ी उपलब्धि नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है. प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर थोड़ी ही देर में इसरो वैज्ञानिकों से संवाद भी करेंगे.

उधर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन को लेकर इसरो की टीम ने असाधारण प्रतिबद्धता और साहस का प्रदर्शन किया. राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘देश को इसरो पर गर्व है.’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इसरो का जुनून और समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए एक प्रेरणा है. विक्रम को चंद्रमा की सतह के करीब तक पहुंचाने में वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, ‘आपका काम बेकार नहीं जाएगा. इसने कई बेजोड़ और महत्वाकांक्षी भारतीय अंतरिक्ष मिशनों की बुनियाद रखी है.’