प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने के बाद भावुक दिखे इसरो प्रमुख के सिवन को काफी देर तक आत्मीयता से गले लगाया. चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने की असफलता के बाद सिवन के आंसू छलक पड़े थे. इससे पहले नरेंद्र मोदी ने इसरो मुख्यालय में दिए अपने संबोधन में वैज्ञानिकों से दिल छोटा न करने के लिए कहा. जैसे ही प्रधानमंत्री ने अपना भाषण पूरा किया तो के सिवन उन्हें छोड़ने के लिए साथ आए. जब नरेंद्र मोदी अपनी कार में बैठने जा रहे थे तो उन्होंने सिवन को आत्मीयता से गले लगाते हुए उन्हें दिलासा दिया. इसी दौरान इसरो प्रमुख अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए.

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इससे कुछ घंटे पहले के सिवन ने रुंधे गले से घोषणा की थी कि लैंडर का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया है और आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 के चंद्रमा को छूने के एतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए इसरो केंद्र में मौजूद थे. वे सुबह आठ बजे वैज्ञानिकों और देश को संबोधित करने के लिए छह घंटे से भी कम समय में लौट आए.

लैंडर विक्रम की चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग इसरो की योजना के मुताबिक नहीं हुई क्योंकि उसका जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया. यह तब हुआ जब वह चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर की ऊंचाई पर था.