नेशनल कांफ्रेंस ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने की तुलना राज्य में 1947 में हुए कबायली हमले से की है. शनिवार को जारी एक बयान मे नेशनल कांफ्रेंस ने केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को अनैतिक और आक्रामक बताया है.

नेशनल कांफ्रेंस के सांसद मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने कश्मीर से धारा 370 के प्रावधान हटाने पर एक संयुक्त बयान जारी किया और केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की. इस बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को प्राप्त संवैधानिक अधिकार वापस लेने का एकतरफा और अनैतिक कार्य आजादी के बाद कश्मीर पर हुए कबायलियों के आक्रमण के समान है. बयान में कहा गया है कि संवैधानिक अधिकारों को वापस करने की एकतरफा कार्रवाई राज्य के खिलाफ आक्रमण से कम नहीं है. सांसदों ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों एवं अनुच्छेद 35 ए को समाप्त करके केंद्र ने खुद को ‘अविश्वासी और धोखेबाज’ के रूप में स्थापित किया है. नेशनल कांफ्रेंस के संयुक्त बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों की आकांक्षा का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा, जबकि कबायलियों ने कम से कम इसका ध्यान तो रखा था.

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के तहत प्राप्त विशेष दर्जा के प्रावधानों को हटाने को लगातार विरोध कर रही है. पांच अगस्त को जिस दिन अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला वापस लिया गया था, उस दिन को नेशनल कांफ्रेंस ने काला दिवस बताया था.