भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग से बुरी खबरों का आना जारी है. बीते महीने यानी अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि यात्री वाहनों की बिक्री पिछले 20 सालों के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई है. यह लगातार 10वां ऐसा महीना रहा जब बिक्री में गिरावट दर्ज की गई. भारतीय ऑटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले इसी माह की तुलना में 31.57 प्रतिशत घटकर 1,96,524 वाहन रह गई.

ऑटोमोबाइल क्षेत्र देश की जीडीपी में साढ़े सात फीसदी का योगदान करता है और साढ़े तीन करोड़ से भी ज्यादा लोगों का रोजगार इससे जुड़ा है. यही वजह है कि इसकी हालत को लेकर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं. अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 कार रह गई. इस दौरान दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 इकाई रह गई. यह तीन साल में इसका सबसे बुरा स्तर है. सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 38.71 प्रतिशत घटकर 51,897 वाहन रही.

कुछ दिन पहले सियाम की सालाना बैठक में केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन कारोबारियों को आश्वस्त किया था. उन्होंने कहा था कि सरकार वाहनों पर लगने वाले जीएसटी की दर कम करेगी. उनका यह भी कहना था कि सरकार का पेट्रोल और डीजल वाहनों पर रोक लगाने का कोई इरादा नहीं है.