‘चालान तो मेरा भी हुआ था, जुर्माना भरा मैंने.’  

— नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री

नितिन गडकरी ने यह बात नरेंद्र मोदी सरकार के पहले 100 दिनों की उपलब्धियां बताते हुए कही. नए ट्रैफिक नियमों में पहले से कहीं ज्यादा जुर्माने को लेकर काफी बहस हो रही है. नितिन गडकरी का कहना था कि नियम सबके लिए समान हैं और मुंबई के बांद्रा वर्ली सी लिंक पर ओवरस्पीडिंग के लिए उन्हें भी जुर्माना देना पड़ा. उन्होंने दावा किया कि यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माने से पारदर्शिता आयेगी, भ्रष्टाचार नहीं.

‘जब ऐसा लगेगा कि विषमता खत्म हो गई है तो इस पर विचार किया जाएगा. अगर कल लोगों को लगता है कि विषमता खत्म हो गई है तो कल ही इस पर विचार हो सकता है.’  

— दत्तात्रेय होसबोले, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह

आरक्षण पर दत्तात्रेय होसबोले का यह बयान संगठन की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक के बारे में जानकारी देते हुए आया. राजस्थान के पुष्कर में हुई यह बैठक आज ही खत्म हुई है. दत्तात्रेय होसबोले के मुताबिक संघ और इससे जुड़े सभी 36 संगठनों की इस समन्वय बैठक में सीमा सुरक्षा, अनुच्छेद 370, कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी, मॉब लिंचिंग और एनआरसी जैसे कई अहम मसलों पर चर्चा हुई.


‘भारत अब से लेकर 2030 तक अपनी बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने की महत्वाकांक्षा के तहत कुल रकबे को 2.1 करोड़ हेक्टेयर से बढ़ाकर 2.6 करोड़ हेक्टेयर करेगा.’ 

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए हुए संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन (यूएनसीसीडी) को संबोधित करते हुए कही. प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि 2015 और 2017 के बीच भारत में पेड़ और जंगल के दायरे में आठ लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने यूएनसीसीडी के नेतृत्व से वैश्विक जल कार्रवाई एजेंडा बनाने का आह्वान भी किया.


‘हम एक इंच ज़मीन भी पाकिस्तान को नहीं देंगे.’  

— शशि थरूर, कांग्रेस नेता

शशि थरूर ने यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में उठाए जाने पर दी है. उन्होंने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान और अपने कब्जे वाले कश्मीर का दर्जा बदलने वाला पाकिस्तान भारत पर उंगली उठा रहा है. शशि थरूर का यह भी कहना था कि इस मसले पर सरकार और विपक्ष एक हैं.


‘हर जंग जीतने के लिए नहीं सिर्फ इसलिए लड़ी जाती है, ताकि दुनिया को बताया जा सके कि कोई है जो लड़ रहा है.’  

— रवीश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

रवीश कुमार ने यह बात प्रतिष्ठित रमन मैग्सेसे पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कही. उन्हें यह सम्मान आज फिलीपींस की राजधानी मनीला में दिया गया. रवीश कुमार ने कहा कि दुनिया असमानता को स्वास्थ्य और आर्थिक आधार जैसे मानकों पर मापती है, मगर वक्त आ गया है कि ज्ञान के लिहाज से भी असमानता मापी जानी चाहिए.