राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोमवार को कहा कि समाज में सामाजिक और आर्थिक विषमता रहने के कारण आरक्षण की जरूरत है और जब तक इसके लाभार्थियों को इसकी जरूरत महसूस होती है, इसे जारी रखना चाहिए. राजस्थान के पुष्कर में आयोजित संघ के तीन दिवसीय कार्यक्रम में आरएसएस के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने यह बात कही.

दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि आरएसएस संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण का पूरा समर्थन करता है. आरएसएस की तीन दिवसीय समन्वय बैठक के अंतिम दिन संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘हमारे समाज में सामाजिक और आर्थिक विषमता है, इसलिए आरक्षण की जरूरत है...हम संविधान प्रदत्त आरक्षण का पूरा समर्थन करते हैं.’ यह पूछे जाने पर कि क्या आरएसएस को लगता है कि आरक्षण अनिश्चित काल तक जारी नहीं रहना चाहिए? इस पर दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि यह व्यवस्था के लाभार्थियों पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि आरक्षण के लाभार्थियों को जब तक इसकी जरूरत महसूस होती है, इसे जारी रखना चाहिए.

इसे पहले आरक्षण पर आरएसएस के विचार पर कई बार विवाद हो चुका है. हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर पुनर्विचार की बात कहने पर कई राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया था कि आरएसएस भाजपा सरकार के जरिये आरक्षण को खत्म करना चाहता है.