पश्चिम बंगाल की एक जिला अदालत ने कथित घरेलू हिंसा के मामले में भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है. मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने उन पर घरेलू हिंसा का मुकदमा किया हुआ है. पीटीआई के मुताबिक जिला एवं सत्र न्यायाधीश राय चटोपाध्याय ने दो सितंबर को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत से उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी।

मार्च, 2018 में हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर घरेलू हिंसा, हत्या की कोशिश और बलात्कार के आरोप लगाए थे. इसके बाद कोलकाता पुलिस ने इस क्रिकेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. उधर, मोहम्मद शमी ने इन सभी आरोपों को गलत बताते हुए ट्वीट किया था, ‘जितनी भी खबरें मेरे बारे में चल रहीं हैं, सभी गलत हैं और एक साजिश है जिससे मुझे बदनाम किया जा सके और मेरा गेम खराब किया जा सके.’

इस सब के बीच मोहम्द शमी की पत्नी ने उन पर मैच फिक्सिंग जैसा गंभीर आरोप भी लगा दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम के खिलाड़ियों को मिलने वाले कॉन्ट्रैक्ट में से मोहम्मद शमी को बाहर कर दिया और जांच शुरू हो गई. हालांकि बीसीसीआई की एंटी करपशन यूनिट ने इस आरोप को गलत पाया. इसके बाद मोहम्मद शमी को दोबारा अनुबंधित किया गया.