पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के एक पूर्व विधायक ने भारत से राजनीतिक शरण मांगी है. 43 साल के बलदेव कुमार का कहना है कि वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दो महीने से पंजाब के खन्ना कस्बे में रह रहे हैं जहां उनकी ससुराल है. पाकिस्तान वापस न जाने की बात कहते हुए उनका कहना है, ‘पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे. उन्हें वहां पर उनके हक भी नहीं मिल रहे.’ उनका आगे कहना था, ‘मुझे दो साल के लिए जेल में डाल दिया गया था.’

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की बरीकोट सुरक्षित सीट से विधायक रहे बलदेव सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी अपील पर विचार करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, ‘मैं मोदी साहब से शरण और सुरक्षा की प्रार्थना कर रहा हूं.’ उनका यह भी कहना था कि हिंदू और सिख अल्पसंख्यकों का धर्मांतरण पाकिस्तान में आम हो चुका है. बलदेव सिंह के मुताबिक उन्हें उम्मीद थी कि इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात में कुछ बदलाव आएगा, लेकिन खुद इमरान खान ही बदल गए.

वैसे पाकिस्तान में बलदेव कुमार पर एक सिख विधायक की हत्या का मुकदमा चल रहा है. सरदार सोहन सिंह भी तहरीक-ए-इंसाफ के टिकट पर ही चुनाव जीते थे. लेकिन 2016 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.