भारत ने चीन और पाकिस्तान के उस संयुक्त बयान को खारिज कर दिया है जिसमें जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का विरोध किया गया था और इस मुद्दे पर बातचीत की अपील की गई थी. विदेश मंत्रालय ने आज इस सिलसिले में एक बयान जारी किया. इसमें कहा गया, ‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. दूसरी तरफ, भारत लगातार तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर चीन और पाकिस्तान, दोनों के सामने लगातार चिंता जताता रहा है. ये परियोजनाएं जहां चल रही हैं वह भारत का इलाका है जिस पर पाकिस्तान ने 1947 से अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में बाहरी देशों के ऐसे किसी भी कदम के सख्त खिलाफ है जिससे यथास्थिति बदलती हो. हम संबंधित पक्षों से मांग करते हैं कि ऐसी कवायदों को रोक दें.’

बीते रविवार को पाकिस्तान और चीन ने एक साझा बयान जारी किया था. यह बयान चीन के विदेश मंत्री वांग यी की दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा के दौरान जारी किया गया था. इसमें कहा गया था कि दोनों देश जम्मू-कश्मीर में भारत के एकपक्षीय फैसले के खिलाफ हैं और यह मुद्दा बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए.