भाजपा अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे करने जा रही है, लेकिन इस दौरान आर्थिक सुस्ती और बजट के कुछ प्रावधानों के चलते निवेशकों पर गहरी मार पड़ी है. एक अनुमान के मुताबिक, सरकार के पहले 100 दिनों के दौरान निवेशक लगभग 12.5 लाख करोड़ की पूंजी गंवा चुके हैं.

एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक, 30 मई को सरकार बनने के बाद से बांबे स्टाक एक्सचेंज का सेंसेक्स 2257 अंक यानी तकरीबन 5.96 फीसदी नीचे आया है. इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी इस दौरान 858 अंकों (7.23 फीसद) का गोता लगाया है. नई सरकार बनने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेश भारतीय पूंजी बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, सरकार के पहले 100 दिनों में विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से 28,260.5 करोड़ रूपये निकाल चुके हैं. शेयर बाजारों मेें गिरावट के कारण उनके पूंजीकरण में सरकार बनने के बाद से अब तक करीब 12.5 लाख करोड़ की कमी आ चुकी है.

विश्लेषकों के मुताबिक, बजट में किए गए सुपर रिच टैक्स के प्रावधान के दायरे में आने के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय पूंजी बाजारों से पैसा निकालना शुरु किया था. हालांकि, बाद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुपर रिच टैक्स के दायरे से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को निकालने की घोषणा की है, लेकिन इसके बाद भी बाजार के सेंटीमेंट्स अभी सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं. मंदी की आहट चुनावों से पहले ही सुनाई दे रही थी, लेकिन नई सरकार बनने के बाद मंदी से जुड़ी खबरों में तेजी आने लगी. जिसके कारण भी भारतीय शेयर बाजार प्रभावित हो रहे हैं.