संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के झूठे आरोपों का भारत ने करारा जवाब दिया है. भारत ने कहा है कि कश्मीर उसका आंतरिक मसला है और पाकिस्तान झूठ की फैक्ट्री चला रहा है.

पीटीआई के मुताबिक मंगलवार को जिनेवा में यूएनएचआरसी की बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय की सचिव विजय ठाकुर सिंह ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए ये बातें कही हैं. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी सरकार घाटी में सामाजिक-आर्थिक और न्याय को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है. हालिया फैसलों का सीधा फायदा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नागरिकों को मिलेगा. इससे लैंगिंक भेदभाव खत्म होगा, जुवेनाइल के अधिकार बेहतर होंगे और शिक्षा और सूचना के अधिकार भी लागू होंगे.’

विजय ठाकुर ने आगे कहा कि दिक्कतों के बावजूद जम्मू-कश्मीर प्रशासन घर-घर जरूरी सामान की सप्लाई कर रहा है और प्रतिबंधों में भी धीरे-धीरे छूट दी जा रही है. पाकिस्तान के आरोपों को झूठा बताते हुए उनका कहना था, ‘दुनिया जानती है कि झूठे आरोप ऐसे देश से आते हैं, जो खुद वैश्विक आतंकवाद का गढ़ है, जहां आतंकवादियों को पनाह मिलती है...जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाना पूरी तरह भारत का आंतरिक फैसला है जिस पर संसद ने मुहर लगाई है. कोई भी देश अपने आंतरिक मामले में दखलअंदाजी नहीं चाहेगा, भारत भी नहीं.’

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यूएनएचआरसी में कहा था कि भारत दुनिया के सामने ऐसा दिखावा कर रहा है कि जम्मू-कश्मीर में जीवन सामान्य हो गया है. लेकिन यह सच नहीं है. कुरैशी का आगे कहना था कि अगर जम्मू-कश्मीर में जन-जीवन वाकई सामान्य हो गया है तो फिर वहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया, एनजीओ और सिविल सोसायटी संगठनों को क्यों नहीं जाने दिया जा रहा.