महज 18 साल की उम्र में दुनिया छोड़ देने वाली आयशा चौधरी लेखिका और मोटिवेशनल स्पीकर थीं. अपनी छोटी सी उम्र में किताब लिखने से लेकर टेड टॉक में बोलने तक की उपलब्धियां उन्होंने हासिल कर ली थीं. दिलचस्प और दुखद है कि उनकी मौत के ठीक एक दिन पहले उनकी इकलौती किताब ‘माय लिटिल इपिफनीज’ प्रकाशित होकर आई थी.

आयशा की यह छोटी सी यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि वह इम्यून डेफिशिएंसी डिसॉर्डर के साथ पैदा हुई थी और महज छह महीने की उम्र में उसका बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाना पड़ा था. इस ट्रांसप्लांट के साइड इफेक्ट के चलते टीनएज तक पहुंचते-पहुंचते उसे पल्मोनरी फाइब्रोसिस नाम की फेफड़ों की गंभीर बीमारी हो गई. अपनी इस बीमारी को आयशा ने ‘हैप्पी पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ नाम दिया था. उनका कहना था कि इस बीमारी के साथ भी वे खुशी-खुशी अपना जीवन जीना चाहती हैं. अपने ये अनुभव तमाम मंचों पर लोगों से साझा करते, उन्हें प्रेरित करते हुए ही वे मोटिवेशनल स्पीकर बन गई थीं. ‘द स्काई इज पिंक’ इसी आयशा चौधरी के छोटे से जीवन की बड़ी सी कहानी कहने वाली है.

‘द स्काई इज पिंक’ का निर्देशन ‘अमु’ और ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’ जैसी फिल्में बनाने वाली शोनाली बोस ने किया है. उनकी पहली फिल्म ‘अमु’ एक ऐसी लड़की की कहानी थी जिसने 1984 के दंगों में अपनी मां को खो दिया था और वयस्क होने के बाद वह अपनी मां और परिवार को खोजने निकलती है. वहीं, ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’ सेरेब्रल पाल्सी से ग्रस्त एक टीनएजर और उसकी मां के बीच की रिश्ते को एक्प्लोर करती है. ‘द स्काई इज पिंक’ मां-बेटी के बीच के संबंधों वाली इस ट्रॉयलजी की तीसरी कड़ी है.

शोनाली बोस की मानें तो यह फिल्म आयशा चौधरी से ज्यादा उनके माता-पिता अदिति और निरेन चौधरी की कहानी है. ट्रेलर देखने के बाद उनकी इस बात से सहमत हुआ जा सकता है क्योंकि इसकी झलकियां आय़शा की पैदाइश से पहले के भी कुछ किस्से खुद में शामिल करती हैं. वहीं, इसके बाकी हिस्से बिस्तर से चिपका देने वाली मेडिकल कंडीशन से जूझने वाली एक लड़की के माता-पिता की चुनौतियों, आपसी समझ और उम्मीदों की झलक देते हैं.

‘द स्काई इज पिंक’ में अदिति और निरेन की भूमिकाएं प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर ने निभाई हैं. ट्रेलर में इनके अर्बन पेरेंट्स वाले किरदारों के बीच बढ़िया केमिस्ट्री दिखती है. यह फिल्म इन मायनों में भी खास है कि दोनों ही कलाकार तकरीबन ढाई-तीन साल के अंतराल के बाद किसी बॉलीवुड फिल्म में मुख्य भूमिकाएं करते दिखाई दे रहे हैं. साथ ही, यह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह से अलविदा कह चुकी ज़ायरा वसीम की भी - अगर वे वापस नहीं लौटीं तो - आखिरी फिल्म है. इन सबके अलावा ‘द स्काई इज पिंक’ सिनेमा का एक अलहदा शेड दिखाने की उम्मीद भी जगा देती है, इसके लिए भी 11 अक्टूबर को इसे देखा जा सकता है.

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