आंध्र प्रदेश में सत्ताधारी वाईएसआरसीपी और विपक्षी टीडीपी के राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई जारी है. आज टीडीपी मुखिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को घर में नजरबंद कर दिया गया. उनके बेटे नारा लोकेश को भी नजरबंद रखा गया है.

टीडीपी मौजूदा सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. इसी के तहत चंद्रबाबू नायडू पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ गुंटूर जिले में में एक बड़ी रैली करने वाले थे. रैली की इजाजत न मिलने और नजरबंद किए जाने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है.

चंद्रबाबू नायडू का आरोप है कि वाईएसआरसीपी उनकी पार्टी के खिलाफ हिंसा कर रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के समय में इस हिंसा में टीडीपी के आठ कार्यकर्ता मारे गए हैं. उधर, वाईएसआरसीपी ने भी टीडीपी के जवाब में एक मार्च निकालने का ऐलान किया है.

इससे पहले, बीते जून में जगनमोहन रेड्डी सरकार ने चंद्रबाबू नायडू के मौजूदा बंगले सहित 20 इमारतों को घोषित कर दिया था. कृष्णा नदी के किनारे बने इस बंगले को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था. उससे पहले सरकार ने चंद्रबाबू नायडू के बंगले से लगी ‘प्रजा वेदिका’ इमारत को ढहा दिया था. लगभग आठ करोड़ रुपए की लागत से बनी इस इमारत का इस्तेमाल चंद्रबाबू पार्टी की बैठकों, कार्यकर्ताओं से मुलाकातों और सरकारी कामकाज के लिए किया करते थे